कोरोना का कहर: शवों को जलाने श्मशान में जगह नहीं, रिजर्व करनी पड़ रही चिताएं



 भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में राजधानी के भदभदा विश्राम घाट में शवों को जलाने के लिए जगह कम पड़ने लगी है. कई मीडिया रिपोर्ट की मानें तो गुरुवार को भोपाल में पहली बार 41 कोरोना मरीजों का अंतिम संस्कार किया गया.

36 शवों का किया गया अंतिम संस्कार

बताया जाता है कि गुरुवार को भदभदा विश्राम घाट पर 36 शव अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे थे. इनमें 31 शवों का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया गया है. जानकारी के मुताबिक इनमें 13 शव भोपाल के बाहर के थे. ये प्रदेश में अब तक का एक दिन में कोविड-19 मरीजों के शवों के अंतिम संस्कार का सबसे बड़ा आंकड़ा है. 

घाट पर शव लाने के लिए कई परिवारों को किया गया मना
भदभदा विश्रामघाट के अध्यक्ष अरुण चौधरी ने बताया कि गुरुवार को 36 शवों के बाद 6 परिवारों के लोग शव दाह करने के लिए फोन कर रहे थे. जिन्हें जगह नहीं होने की वजह से अगले दिन बुलाया गया है. अरुण चौधरी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पहली बार यहां इतने लोगों की अंतिम संस्कार किया गया है. 


इधर, सुभाष नगर विश्राम घाट के ट्रस्ट प्रबंधक शोभराज सुखवानी ने बताया कि वहां 5 संक्रमित मृतकों का दाह संस्कार किया. इनमें चार के शव भोपाल के थे. जबकि एक का शव होशंगाबाद का था. इसके अलावा झदा कब्रिस्तान में 5 शवों को दफनाया गया है. उन्होंने कहा कि इससे पहले भोपाल में पिछले वर्ष एक दिन में 28 शवों का अंतिम संस्कार किया गया था.

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