शिवराज सरकार ने की ऑक्सीजन टैंकर की व्यवस्था, संक्रमित इलाकों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश



भोपाल | मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में कोरोना (corona) की स्थिति अपने चरम पर है इसी बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) ने बैठक की थी। जहां संक्रमण वाले क्षेत्रों में छोटे-छोटे करने कंटेनमेंट जोन (Containment Zone) बनाकर वहां निपटने की आवश्यकता जाहिर की। शिवराज ने कहा कि जिन क्षेत्रों में संक्रमण की रफ्तार तेज है। उसका अध्ययन कर वैसे इलाकों में संक्रमण नियंत्रण करने के लिए कंटेंटमेंट जोन बनाएं जाएं। वहीं संक्रमण को समाप्त करने के लिए यहां प्रतिबंध लगाया जाए। इतना ही नहीं सीएम शिवराज द्वारा बैठक में मंत्रियों के साथ चर्चा की गई। जहां प्रदेश में ऑक्सीजन आपूर्ति को राज्य शासन ने अपने सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल किया है। सीएम शिवराज ने कहा कि अच्छी बात यह है कि बड़े संख्या में लोग लगातार कोरोना से जंग जीत कर घर लौट रहे हैं। जहां पॉजिटिविटी रेट में एक बार फिर से सुधार देखा जा रहा है।

शिवराज ने कहा कि प्रदेश में जनता कर्फ्यू का असर दिख रहा है। जिसके बाद पॉजिटिविटी रेट अब स्थिर हो गया है और हमें इसे बनाए रखने की जरूरत है। इसके साथ सीएम शिवराज ने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा सीएम शिवराज ने जानकारी देते हुए बताया कि रेल मंत्रालय की तरफ से मध्य प्रदेश को ऑक्सीजन ट्रेन प्रधान की जाएगी। यह ट्रेन बोकारो से रांची होते हुए भोपाल पहुंचेगी। जिसे प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति लगातार बनी रहेगी। शिवराज ने कहा कि मध्य प्रदेश से खाली ऑक्सीजन सिलेंडर वायुसेना के विमान से रांची भेजे जाएंगे। वहां से सड़क मार्ग से ऑक्सीजन कर वापस मध्यप्रदेश पहुंचेंगे।

इसके अलावा सेना के विमान से की जाने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए मार्ग भी तय कर दिए गए हैं। जहां 8 दिन में 27 टैंकर इंदौर भोपाल और ग्वालियर पहुंचेंगे। मध्य प्रदेश सरकार को ही ऑक्सीजन झारखंड के बोकारो और गुजरात के जामनगर से सप्लाई की जाएगी। यह सप्लाई 24 अप्रैल से 1 मई के बीच शुरू हो जाएगी। वहीं सेना के विमान से 8 दिन के अंदर 27 ऑक्सीजन टैंकर मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। वही जानकारी देते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि भोपाल के एम्स में आईसीयू में 24 रन बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न संगठनों के सहयोग से 2020 तक बेड की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही इस पर विचार किया जाएगा।

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