सरकारी विज्ञापनों पर दो साल तक लगे प्रतिबंध: सोनिया

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए सांसदों का वेतन 30 प्रतिशत कम करने के सरकार के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा है कि इस महामारी के विरुद्ध जंग में बहुत पैसे की ज़रूरत होगी इसलिए सरकारी विज्ञापनों तथा खर्चो में कमी कर विदेश दौरों पर रोक लगाने की सख्त आवश्यकता है।
गांधी ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस सम्बन्ध में एक पत्र लिखा है जिसमें सरकार से विलासता की परियोजनाओं को रोककर उस निधि का इस्तेमाल कोरोना से लड़ने के लिए करने तथा प्रधानमंत्री केयर्स निधि की राशि को प्रधान मंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले सरकार को टेलीविज़न, प्रिंट एवं ऑनलाईन विज्ञापनों पर दो साल के लिए रोक लगाकर यह पैसा कोरोना वायरस से उत्पन्न संकट से जूझने में लगान चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कोविड-19 सम्वन्धी परामर्श या स्वास्थ्य से संबंधित विज्ञापनो इस बंदिश से बाहर रखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि केंद्र सरकार विज्ञापनों पर हर साल लगभग 1,250 करोड़ रुपये खर्च करती है और उस पर रोक से कोरोना से अर्थव्यवस्था तथा समाज को होने वाले नुकसान की भरपाई करने में बड़ी मदद मिल सकती है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कोरोना को देखते हुए 20,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ‘सेंट्रल विस्टा’ ब्यूटीफिकेशन एवं कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट को स्थगित करने की भी मांग करते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति में विलासिता पर किया जाने वाला यह खर्च व्यर्थ है।
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