लॉकडाउन : राशन की जरूरत / धूप सहन नहीं हुई तो दिव्यांग गोल घेरे में कृत्रिम पैर रखकर बैठ गया छांव में

भोपाल के अशोकनगर की छ:घरा कॉलोनी निवासी दिव्यांग भगवत सिंह को जब इस बात की जानकारी मिली कि पूर्व विधायक के ऑफिस से राशन वितरण हो रहा है तो वह बैसाखी का सहारा लेकर 2 km तक चला फिर ऑफिस के बाहर सोशल डिस्टेंस के लिए बनाए गए गोले में खड़ा हो गया। लेकिन तेज धूप की वजह से जब गोले में खड़ा रहना मुश्किल हो गया तो दिव्यांग भगवत सिंह ने अपना कृत्रिम पैर निकालकर गोल घेरे में रख दिया और बैसाखी के सहारे छांव में जाकर बैठ गया। हालाकि, जब पूर्व विधायक जज पाल सिंह ने ये सब देखा तो उन्होंने तुरंत दिव्यांग को भोजन दिया इसके अलावा तांगा मंगाकर घर भी छुड़वाया और शाम को भोजन पैकेट के साथ राशन दिव्यांग के घर पहुंचाया। इसके साथ ही पूर्व विधायक ने कहा कि अब भगवत को खाने के लिए कार्यालय तक आने की जरूरत नहीं है, बल्कि उसके घर पर ही खाना पहुंचाया जाएगा। दोनों टाइम का खाना और कच्चा राशन भी उसके घर पहुंचाएंगे।
भूख बहुत बुरी चीज

दिव्यांग भगवत सिंह ने बताया कि 5 साल पहले ट्रेन हादसे में उनका पैर कट गया था, तब से वे असहाय हो गए हैं। भगवत ने बताया कि हम अपना दुखड़ा तो रो नहीं सकते, लेकिन भूख बहुत बुरी चीज है। परिवार में 6 सदस्य हैं। मैं, मेरी पत्नी, बहू-बेटा और 2 पोती (6 साल और डेढ़ साल)। बेटा गोलू खाने की होटल पर काम करता है, पर यह सब अभी लॉकडाउन में बंद चल रहे हैं। पेट भरने मैं बैसाखी के सहारे खाना मांगने इधर-उधर जाता हूं। पूर्व विधायक के कार्यालय पर खाना लेने सब गोल घेरे में खड़े थे, मैं भी जाकर खड़ा हो गया था।

बता दे, मध्य प्रदेश में 1371 लोग संक्रमित है। यहां, इंदौर और भोपाल दो ऐसे शहर है जहां मामले तेजी से बढ़ रहे है। इंदौर में अब तक 892 और भोपाल से 207 संक्रमित मामले सामने आए है।
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