भोपाल: मध्य प्रदेश में कोरोनावायरस का दायरा धीरे-धीरे बढ़ रहा है, महानगरों के बाद यह बीमारी छेाटे शहरों तक पहुंच रही है. मरीजों का आंकड़ा भी हर रोज बढ़ रहा है. वहीं छोटे शहरों में लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने की कोशिशें जारी है. राज्य में सबसे पहले जबलपुर में कोरोना के मरीज सामने आए थे, मगर वहां की स्थितियां धीरे-धीरे सुधरी. यही कारण है कि, बीते कुछ दिनों से नया मामला सामने नहीं आया हैं. यहां आठ मरीज है और यह संख्या स्थिर बनी हुई है, तो कई मरीजों की स्थिति में सुधार आ रहा है. वहीं इंदौर और भोपाल में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. इसके साथ ही अन्य छोटे शहरों तक यह दस्तक दे रहा है.
राजधानी में पीड़ितों का आंकड़ा 17 तक पहुंच गया है, यहां वे कई अधिकारी भी इस बीमारी की जद में आ गए हैं जिन पर स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है. इसमें दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तो एक अपर निदेशक स्तर का अधिकारी है. इसके चलते राज्य के एक दर्जन से ज्यादा अधिकारियों ने स्वयं को क्वारेंटीन करने की बातें सामने आ रही है. राज्य के जनसंपर्क सचिव पी. नरहरि ने अफसरों के क्वारेंटीन होने की बात नकारते हुए हुए कहा है कि, भारत सरकार के निर्देशानुसार आईसीएमआर गाईडलाइन के मुताबिक यह तैयारी जरुर की है कि, अगर कोई अधिकारी बीमार हो जाए, वह कार्य के लिए उपलब्ध न हो तो उसके स्थानपर दूसरे क्रम के अधिकारी की तैनाती की जा सके.
इसी तरह राज्य के छोटे शहरों में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा और विस्तार हो रहा है. इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन के अलावा खरगोन, शिवपुरी, मुरैना और छिंदवाड़ा जैसे जिलों से भी बीमारों की सूचना आ रही हैं. छोटे शहरों में संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने अपने स्तर पर सख्ती से लॉकडाउन कराया है. इसके लिए पुलिस की चौकसी बढ़ाने के साथ सडकों पर गुजरते लोगों से पूछताछ हो रही है और बेवजह निकलने वालों पर कार्रवाई भी हो रही है. इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह का कहना है, “जिन जिलों में प्रशासन ने सख्ती से लॉकडाउन का पालन किया है, वहीं इस संक्रमण को रोकने में सफलता पाई है.” उन्होंने इस बात की ओर इशारा किया है कि अब इंदौर में भी सख्ती बढ़ाई जाएगी.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर संतोष जताया है कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर प्रदेश की जनता लॉकडाउन की लक्ष्मण रेखा को पार नहीं कर रही है, घरों तक सीमित है. वहीं स्वास्थ्य अमला अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, सरकार बेहतर संसाधन जुटा रही हैं. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बता रहे है कि, राज्य में कोरोना के 181 मरीज हो गए है. इंदौर में 128, भोपाल में 17, जबलपुर में आठ, उज्जैन में सात, मुरैना में 12, खरगोन में तीन, ग्वालियर, शिवपुरी व छिंदवाड़ा में दो-दो मरीजों के सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं. वहीं अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें इंदौर में सात, उज्जैन में दो और खरगोन व छिंदवाड़ा में एक-एक मरीज की मौत हुई. वहीं एक अच्छी खबर भी आ रही है कि, जबलपुर के पीड़ितों की स्थिति में सुधार आ रहा है. इंदौर में भी 13 मरीजों की स्थिति सुधरी है और पहली रिपोर्ट निगेटिव आई है. शिवपुरी मे भी एक मरीज की हालत में सुधार आया है. इसी तरह राजधानी के एक पत्रकार और उसकी बेटी को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, उनकी हालत सुधरी और अस्पताल से छुट्टी मिल गई.
राजधानी में पीड़ितों का आंकड़ा 17 तक पहुंच गया है, यहां वे कई अधिकारी भी इस बीमारी की जद में आ गए हैं जिन पर स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है. इसमें दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तो एक अपर निदेशक स्तर का अधिकारी है. इसके चलते राज्य के एक दर्जन से ज्यादा अधिकारियों ने स्वयं को क्वारेंटीन करने की बातें सामने आ रही है. राज्य के जनसंपर्क सचिव पी. नरहरि ने अफसरों के क्वारेंटीन होने की बात नकारते हुए हुए कहा है कि, भारत सरकार के निर्देशानुसार आईसीएमआर गाईडलाइन के मुताबिक यह तैयारी जरुर की है कि, अगर कोई अधिकारी बीमार हो जाए, वह कार्य के लिए उपलब्ध न हो तो उसके स्थानपर दूसरे क्रम के अधिकारी की तैनाती की जा सके.
इसी तरह राज्य के छोटे शहरों में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा और विस्तार हो रहा है. इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन के अलावा खरगोन, शिवपुरी, मुरैना और छिंदवाड़ा जैसे जिलों से भी बीमारों की सूचना आ रही हैं. छोटे शहरों में संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने अपने स्तर पर सख्ती से लॉकडाउन कराया है. इसके लिए पुलिस की चौकसी बढ़ाने के साथ सडकों पर गुजरते लोगों से पूछताछ हो रही है और बेवजह निकलने वालों पर कार्रवाई भी हो रही है. इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह का कहना है, “जिन जिलों में प्रशासन ने सख्ती से लॉकडाउन का पालन किया है, वहीं इस संक्रमण को रोकने में सफलता पाई है.” उन्होंने इस बात की ओर इशारा किया है कि अब इंदौर में भी सख्ती बढ़ाई जाएगी.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर संतोष जताया है कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर प्रदेश की जनता लॉकडाउन की लक्ष्मण रेखा को पार नहीं कर रही है, घरों तक सीमित है. वहीं स्वास्थ्य अमला अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, सरकार बेहतर संसाधन जुटा रही हैं. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बता रहे है कि, राज्य में कोरोना के 181 मरीज हो गए है. इंदौर में 128, भोपाल में 17, जबलपुर में आठ, उज्जैन में सात, मुरैना में 12, खरगोन में तीन, ग्वालियर, शिवपुरी व छिंदवाड़ा में दो-दो मरीजों के सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं. वहीं अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें इंदौर में सात, उज्जैन में दो और खरगोन व छिंदवाड़ा में एक-एक मरीज की मौत हुई. वहीं एक अच्छी खबर भी आ रही है कि, जबलपुर के पीड़ितों की स्थिति में सुधार आ रहा है. इंदौर में भी 13 मरीजों की स्थिति सुधरी है और पहली रिपोर्ट निगेटिव आई है. शिवपुरी मे भी एक मरीज की हालत में सुधार आया है. इसी तरह राजधानी के एक पत्रकार और उसकी बेटी को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, उनकी हालत सुधरी और अस्पताल से छुट्टी मिल गई.
