नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ लड़ाई में लॉकडाउन 2.0 (Lockdown 2.0) की घोषणा कर दी है. अब 3 मई तक देशव्यापी बंद (Coronavirus Lockdown) रहेगा. मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में देशवासियों से सात बातों पर समर्थन मांगा ताकि इस महामारी (Coronavirus Pandemic) को परास्त किया जा सके.
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के बाद सोशल मीडिया में अचानक सप्तपदी ट्रेंड करने लगा. प्रधानमंत्री ने करीब 25 मिनट के राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि दूसरे चरण में लॉकडाउन का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जायेगा. जिन क्षेत्रों में हालात खराब होने की आशंका नहीं होगी, वहां 20 अप्रैल के बाद कुछ राहत दी जा सकती हैं.
20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने, हर जिले, हर राज्य को परखा जाएगा कि वहां लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है, उस क्षेत्र ने कोरोना से खुद को कितना बचाया है. मोदी ने कहा कि जो क्षेत्र इस अग्नि परीक्षा में सफल होंगे, जो हॉटस्पाट : अधिक खराब हालात वाले क्षेत्र : में नहीं होंगे, और जिनके हॉटस्पाट में बदलने की आशंका भी कम होगी, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है.
प्रधानमंत्री का ‘सप्तपदी' मार्ग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से सात वचन मांगे. जिसमें बुजुर्गो का ध्यान रखने, सामाजिक दूरी का पालन करने, गरीबों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देने, बाहर निकलते समय अपना चेहरा कपड़े से ढकना आदि शामिल है.
मोदी ने सात बातों के तहत कहा कि पहला वचन : (Care for elders) अपने घर के बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें. विशेषकर ऐसे व्यक्ति जिन्हें पुरानी बीमारी हो, हमें उनका ज्यादा ध्यान रखना है, उन्हें कोरोना से बहुत बचाकर रखना है.
दूसरा वचन : (Stay within Laxman Rekha) लॉकडाउन और सामाजिक दूरी की लक्ष्मण रेखा का पूरी तरह पालन करें.
तीसरा वचन : (Use homemade masks) घर में बने चेहरा ढकने के मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें
चौथा वचन : (Follow precautions from @moayush, use AarogyaSetu app) प्रधानमंत्री ने लोगों से अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए, आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने तथा गर्म पानी, काढ़ा आदि का निरंतर सेवन का सुझाव दिया.
पांचवां वचन : (Extend help to the poor) प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से आरोग्य सेतु मोबाइल एप जरूर डाउनलोड करने और दूसरों को भी इसके लिये प्रेरित करने को कहा.
छठा वचन : ( Pls don’t lay-off employees) मोदी ने कहा कि जितना हो सके उतने गरीब परिवारों की देखरेख करें, उनके भोजन की आवश्यकता पूरी करें तथा आप अपने व्यवसाय, अपने उद्योग में अपने साथ काम करने वाले लोगों के प्रति संवेदना रखें, किसी को नौकरी से न निकालें.
