पटना : देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। इसको देखते हुए भारत में 3 मई तक लॉकडाउन किया हुआ है। इसी बीच बिहार के चंपारण जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एंबुलेंस कहीए या वाहन के अभाव में एक बच्चे ने पिता के सामने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। मामला पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर का है।
दरअसल, इलाज के लिए बच्चे को पटना ले जाना था, मगर पैसे के अभाव में एंबुलेंस जाने को तैयार नहीं हुआ। जिसके चलते बच्चे ने पिता के सामने ही अपने दादा की गोद में दम तोड़ दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कल्याणपुर प्रखंड की राजपुर पंचायत के वार्ड नंबर 10 निवासी मुन्ना साह का छह वर्षीय पुत्र प्रिंस कैंसर की बीमारी से पीड़ित था। उसका इलाज पिछले दो वर्षों से पटना के महावीर कैंसर संस्थान में चल रहा था। अचानक तबियत बिगड़ जाने पर उसे शनिवार की शाम इलाज के लिए कल्याणपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टरों ने बच्चे की हालत को देखते हुए उसे मोतिहारी सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
बताया जाता है कि पिता ने डॉक्टरों से बच्चे को एंबुलेंस से पटना भेजने की गुहार लगाई, लेकिन डॉक्टर नहीं माने। पिता का कहना है कि किसी स्वास्थ्य कर्मी एंबुलेंस के पांच हजार रुपये मांग रहे थे, लेकिन उसके पास इतने पैसे नहीं थे जो एंबुलेंस के लिए दे सके। आखिर बच्चे ने पिता के सामने अस्पताल के बाहर ही दम तोड़ दिया। और एक लाचार पिता वापस घर आ गए।
वहीं, डॉक्टर का कहना है कि अभिभावक बच्चे का इलाज कराने के लिए लाया था, लेकिन बच्चे की गंभीर स्थिति के कारण उसे मोतिहारी रेफर कर दिया गया था। वे लोग एंबुलेंस को पटना ले जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हें एंबुलेंस से मोतिहारी छोड़ने के लिए बोला गया था। कुछ समय बाद वे लोग अपने घर चले गए। उन्होंने एंबुलेंस कर्मयों के पांच हजार रुपये की मांग के आरोप के सिरे से खारिज कर दिया।
