नई दिल्ली : पूरा देश इन दिनों कोरोना महामारी की वजह से लॉडाउन है। ऐसे में कई लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोई बेटे-बेटी की शादी की टाल रहा है तो कोई अपनों का अंतिम संस्कार भी नहीं कर पा रहा है। ऐसा ही कुछ दर्द इस पाई-पाई को मोहताज गरीब महिला पूनम का भी है। दरअसल पूनम के पति की लाश पिछले एक हफ्ते दिल्ली के एक मॉर्चरी में पड़ी हुई है जो अपने अंतिम संस्कार का इंतजार कर रही है। लाचारी और बेबसी के आगे मजबूर की हालत ऐसी है कि वे अपने पति की लाश का पोस्टमॉर्टम कराकर अंतिम संस्कार भी नहीं कर सकती।
पुतला बनाकर बेटे से दिलवाई मुखाग्नि
महिला अपने पांच छोटे- छोटे बच्चे को लेकर गोरखपुर के चौरी-चौरा गांव के एक छोटी सी झोपड़ी में रह रही है। महिला के ससुराल से दिल्ली की दूरी करीब 800 किमी की है। लॉकडाउन की वजह से गांव का कोई शख्स दिल्ली जाने को तैयार नहीं है। बेबसी के बीच गांववालों के कहने पर पति के नाम का पुतला बनाया और अंतिम संस्कार करना पड़ा। एक साल के बेटे से पुतले को मुखाग्नि दिलाई और तहसीलदार के जरिए दिल्ली पुलिस से गुजारिश की है कि वह उनके पति का अंतिम संस्कार दिल्ली में ही कर दें। हो सके तो बाद में उनकी अस्थियां गांव तक पहुंचा दें।
घर में इकलौते कमाने वाले थे सुनील, बच्चे-बीवी हुए बेसहारा
मिली जानकारी के अनुसार पूनम के पति दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालते थे। वे घर में इकौलते कमाने वाले थे। सुनील दिल्ली में भारत नगर के प्रताप बाग में किराए पर रहते थे। लॉकडाउन के दौरान ही चिकन पॉक्स हो गए। 11 अप्रैल को उनकी तबीयत बिगड़ी। स्थानीय लोगों ने कोरोना के डर से पुलिस को कॉल कर दी। भारत नगर थाने के एसआई आनंद सिंह ने एंबुलेंस बुलाकर सुनील को बाड़ा हिंदूराव में भर्ती कराया। वहां से दूसरे, फिर तीसरे अस्पताल रेफर करते हुए आखिर में सफरदजंग भेज दिया गया। इलाज के दौरान 14 अप्रैल को सुनील ने दम तोड़ दिया। हालांकि कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव थी।
पुलिस ने दी पूनम को सुनील के मौत की खबर
पुलिस के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह थी मृतक सुनील का पता ठिकाना मालूम ही नहीं था। उसका मोबाइल उसके कमरे पर ही छूटा था। पुलिस जब वहां जानकारी जुटाने पहुंची तो उसके हाथ मोबाइल मिला। गांव से उनका परिवार पड़ोसियों की मदद से सुनील को फोन करता रहा। कुछ समय तक घंटी जाती रही, बाद में फोन स्विच ऑफ हो गया था। पुलिस ने मोबाइल चार्ज किया, तो गांव से फिर कॉल आई। पुलिस ने कॉल रिसीव कर जानकारी दी कि सुनील का निधन हो गया है। शव को आकर ले जाएं। पुलिस ने मोर्चरी में शव को सुरक्षित रखवा दिया।
