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अमेरिका है दुनिया का सबसे ताकतवर देश, जानें कहां टिकते हैं


दुनिया ताकतवर देशों के हिसाब से ही चलती है। उनकी विदेशी और आर्थिक नीतियों को कई देश कॉपी करते हैं।

ये बात बिल्कुल सच है कि दुनिया ताकतवर देशों के हिसाब से ही चलती है। उनकी विदेशी और आर्थिक नीतियों को कई देश कॉपी करते हैं। लेकिन कौन सा देश कितना ताकतवर है ये पता लगाने के लिए व्हार्टन स्कूल ऑफ पेनसिलवेनिया और ब्रांड स्ट्रेटेजी फर्म BAV कंसल्टिंग ने 60 देशों के बीच सर्वे किया। इस सर्वे में हर देश की आर्थिक स्थिति के अलावा राजनैतिक, दूसरे देशों से संबंध और मिलिट्री पावर को कमपेयर किया गया था। टॉप पोजीशन पर है अमेरिका...
इस सर्वे में अमेरिका को सबसे ताकतवर देशों की रैंकिंग में टॉप पोजीशन मिली है। रुस के आधे साइज का ये देश ताकत के मामले में उससे आगे है। 2001 में हुए आतंकी हमलों की मार झेलने के बाद अमेरिका ने पूरी दुनिया से आतंक खत्म करने के लिए प्रोग्राम लांच किए। इस देश में दुनिया की बेस्ट यूनिवर्सिटीज भी मौजूद हैं। इंटरनेशनल आर्गेनाइजेशन जैसे UN, NATO और वर्ल्ड बैंक में अमेरिका की मजबूत पैठ है। ये देश अपने GDP का 3.5 परसेंट हिस्सा मिलिट्री पर खर्च करता है।

रुस 
इस लिस्ट में अमेरिका के प्रतिद्वंदी देश रुस को दूसरा स्थान मिला है। दुनियाभर में रुस को सबसे बड़ी इकॉनमी माना जाता है। यहां मौजूद प्राकृतिक संसाधनों का भंडार इसकी स्थिति काफी मजबूत बनाते हैं। इसके अलावा   रुस अमेरिका के बाद दुनिया का सबसे बड़ा मिलिट्री हथियार एक्सपोर्ट करने वाला देश है। यहां का कल्चर काफी रिच है। आपको बता दें कि रुस UN के सिक्युरिटी काउंसिल का परमानेंट सदस्य है। इसके अलावा रुस अपने देश की कुल GDP का 4.5 परसेंट हिस्सा मिलिट्री पर खर्च करता है। 

चीन 
 
लिस्ट में चीन को तीसरा स्थान मिला है। चीन अपने GDP का कुल 2.1 परसेंट मिलिट्री पर खर्च करता है। इसे दुनिया के सबसे पुराने सभ्यताओं में गिना जाता है। 1978 के बाद से चीन को सबसे तेजी से बढ़ते इकॉनमी में गिना जाता है। चीन सिंगल पार्टी सोशलिस्ट देश है। देश में गरीबों की संख्या में काफी कमी आई है। हालांकि, एयर पोल्यूशन चीन की सबसे बड़ी समस्या है। लेकिन फिर भी इस रैंकिंग में चीन को तीसरा स्थान दिया गया है। 

जर्मनी 

 
यूरोप की सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले इस देश को लिस्ट में चौथा स्थान दिया गया है। इस देश से ही मॉडर्न प्रिंटिंग प्रेस की शुरुआत हुई थी। इस देश में ओपन मार्केट ने दुनिया में इसकी पहचान मजबूत की है। यहां काम करने वाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। मेजर इंटरनेशनल आर्गेनाईजेशन में इस देश की पकड़ काफी मजबूत है। ये देश अपने कुल GDP का 1.2 प्रतिशत मिलिट्री पर खर्च करता है। 

UK


 
UK अपनी कुल GDP का 2.1 प्रतिशत मिलिट्री पर खर्च करता है। ब्रिटिश एम्पायर की वजह से इस देश को काफी महत्व दिया जाता है। देश की राजधानी लंदन महत्वपूर्ण इंटरनेशनल फाइनेंसियल सेंटर है। UK में कई देशों के लोग आकर बसते हैं। आर्ट और साइंस में भी इस देश का योगदान काफी महत्वपूर्ण है। ये देश UN के सिक्यूरिटी काउंसिल का परमानेंट सदस्य है। 

फ्रांस 
 
फ्रांस को दुनिया के सबसे पुराने देशों में से एक माना जाता है। फ्रांस अपनी मिलिट्री पर 40 अरब अमरीकी डालर से थोड़ा अधिक खर्च करता है। इसके अलावा, इसकी सेना अफगानिस्‍तान और अफ्रीका में काफी प्रभावशाली तरीके से सक्रिय है। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक फ्रांस अमीर और हाई इनकम वाला देश है। फ्रेंच इकॉनमी में प्राइवेट के साथ गवर्नमेंट सेक्टर का भी सहयोग होता है। ये देश UN के सिक्यूरिटी काउंसिल का परमानेंट सदस्य है।  

जापान
 
 
जापान दुनिया के सबसे पढ़े-लिखे देशों में से एक है। जापान में आज भी राजा मौजूद है लेकिन देश चुने गए नेता चलाते हैं। दुनिया की तीसरी लार्जेस्ट ग्लोबल इकॉनमी वाले इस देश ने 2011 में आए भूकंप के अलावा सुनामी का दंश भी झेला है। ये देश दुनिया का सबसे बड़ा मोटर गाड़ी, इलेक्ट्रॉनिक सामान और स्टील का निर्माता है। विश्व युद्ध 2 के दौरान अपने आक्रामक प्रवृत्ति के लिए जाना जाने वाला देश जापान दुनिया के सबसे शक्तिशाली सेनाओं की सूची में आता है। विश्व युद्ध 2 में पराजय के बाद, जापान अपनी सेना की संख्‍या में कटौती करने के लिये मजबूर हो गया था, लेकिन आज यह अपनी विध्‍वंसक तकनीकी क्षमता के कारण, विश्‍व की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में से एक है।

इंडिया 


 
ताकतवर सेना के मामले में तो इंडिया दुनिया में चौथा स्थान रखता है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ताकतवर देशों की लिस्ट में इंडिया टॉप 7 में भी जगह नहीं रखता। इसे 14वां स्थान दिया गया है। लार्जेस्ट डेमोक्रेसी वाले इस देश की इकॉनमी तेजी से ग्रो कर रही है। आज भी इस देश में एग्रिकल्चर मेन पेशा है। इंडिया की फिल्म इंडस्ट्री पूरी दुनिया में फेमस है। दुनियाभर के देशों के साथ इंडिया के मजबूत रिश्ते हैं। भारतीय थल सेना विश्व की दूसरी सबसे बड़ी सेना है। भारतीय थलसेना ग्यारह लाख तीस हज़ार सक्रिय सैनिकों एवं बारह लाख आरक्षित सैन्य कर्मियों की सेवाएं ग्रहण करती है। अपनी सेना पर यह 46 अरब डालर का खर्च करता है और समय के साथ इसके और अधिक बढ़ने की उम्‍मीद है। 
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