लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद का दौरा करने के बाद अपने कार्यक्रम में कटौती की है और तब्लीगी जमात के मरकज के मद्देनजर अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर मामले में जिम्मेदारी तय की जायेगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी के अनुसार, मुख्यमंत्री इस महीने की शुरुआत में जमात की मरकज में भाग लेने वालों को क्वारंटीन करने के लिए किए जा रहे संगरोधी (क्वॉरंटीन )उपायों की समीक्षा करेंगे।
धर्मगुरु ने कहा घटना की हो जांच
इस बीच, सुन्नी धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महाली ने एक वीडियो संदेश में कहा कि तब्लीगी जमात एक धार्मिक संगठन है, लेकिन इसे सरकार द्वारा घोषित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए घटना की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन का कोई राजनीतिक जुड़ाव नहीं है।
शिया वक्फ बोर्ड ने कहा हो कार्रवाई
शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहा कि कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोरोनावायरस को नियंत्रित करने के प्रयासों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर इसके कारण कोई मौत हुई, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
आपको बतादें दिल्ली में बीते 18 मार्च को बड़े पैमाने कार्यक्रम का आयोजन किया गया था । जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की थी। जिसके बाद कार्यक्रम में शामिल लोगों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि भी हुई । वहीं तेलंगाना में 6 लोगों की मौत हो गयी जो इस कार्यक्रम में शामिल हो कर तेलंगाना वापस लौटे थे। आशंका जताई जा रही है कि कार्यक्रम में शामिल हुए सैकड़ों लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं।
अब सवाल ये उठ रहा है कि दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस
की दहशत के बीच आखिर इन लोगों ने इतना बड़ा आयोजन कैसे कर डाला। कार्यक्रम में कई विदेशी भी शामिल थे । क्या इन पर देश में चल रहे कोरोना को चलाये जा रहे अभियान का असर नहीं हुआ, क्या ये लोग पीएम मोदी की सलाह को मानने को तैयार नहीं थे ? ऐसे कई सवाल हैं जिसका जवाब जनता को चाहिये। कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों की मौत का जिम्मेदार आखिर कौन है ?
