भोपाल. देश की राजधानी दिल्ली की तरह ही अब मध्य प्रदेश में भी गली-गली मोहल्ला क्लीनिक खुलने वाले हैं. कमलनाथ सरकारपूरे प्रदेश में संजीवनी क्लीनिक खोलने का प्लान लेकर आयी है. सबसे पहले राजधानी भोपालमें ये क्लीनिक खोले जाएंगे, फिर पूरे प्रदेश में इसका विस्तार होगा.
दरअसल वर्ष 2015 में दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने के बाद अरविंद केजरीवाल सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक शुरू किया था. इसी तर्ज पर अब कमलनाथ सरकार भी लोगों की सेहत का तोहफा देने जा रही है. जनता को सहज और सस्ता इलाज मिल सके, इसे ध्यान में रखते हुए वो संजीवनी मोहल्ला क्लीनिक खोल रही है. हाल ही में भोपाल में हुए राइट टू हेल्थ कॉन्क्लेव में राज्य सरकार ने विशेषज्ञों से इस बारे में चर्चा कर प्लान तैयार किया. मार्च 2020 तक राजधानी भोपाल में 65 संजीवनी क्लीनिक खोले जाएंगे. उसके बाद अगले चरण में पूरे प्रदेश में 268 संजीवनी क्लीनिक खोलने का टारगेट सरकार ने तय किया है.
NHM का मसौदा तैयार
संजीवनी क्लीनिक खोलने के लिए एनएचएम ने प्रस्ताव तैयार किया है. क्लीनिक खोलने के लिए सबसे पहले डॉक्टर, लैब टेक्निशियन और फार्मासिस्टों की नियुक्ति और जगह का चयन किया जाएगा. भोपाल में बाणगंगा, ईदगाह हिल्स, करोंद सहित सात जगह ये क्लीनिक खोले जाएंगे. ये क्लीनिक झुग्गी-बस्ती इलाके में खोले जाएंगे, क्योंकि यहां संक्रामक बीमारियां ज्यादा होती हैं. क्लीनिक के लिए नगरीय निकायों को भवन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है. क्लीनिक का समय सुबह 10 से शाम छह बजे तक होगा इसके साथ ही मरीजों को ओपीडी की सुविधा भी मिल सकेगी.
संजीवनी क्लीनिक खोलने के लिए एनएचएम ने प्रस्ताव तैयार किया है. क्लीनिक खोलने के लिए सबसे पहले डॉक्टर, लैब टेक्निशियन और फार्मासिस्टों की नियुक्ति और जगह का चयन किया जाएगा. भोपाल में बाणगंगा, ईदगाह हिल्स, करोंद सहित सात जगह ये क्लीनिक खोले जाएंगे. ये क्लीनिक झुग्गी-बस्ती इलाके में खोले जाएंगे, क्योंकि यहां संक्रामक बीमारियां ज्यादा होती हैं. क्लीनिक के लिए नगरीय निकायों को भवन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है. क्लीनिक का समय सुबह 10 से शाम छह बजे तक होगा इसके साथ ही मरीजों को ओपीडी की सुविधा भी मिल सकेगी.
ये सुविधाएं मिलेंगी
संजीवनी क्लीनिक में टाइम टू टाइम (समय समय पर) मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे. इनमें विषय विशेषज्ञ बीमारी का इलाज करेंगे. साथ ही फैमिली प्लानिंग, जनसंख्या नियंत्रण जैसे सरकारी अभियानों पर भी फोकस होगा. बस्ती में क्लीनिक खुलने से मरीजों को दूर अस्पताल जाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा.
डॉक्टरों का ख्याल
मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग पहले से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है. ऐसे हालात में संजीवनी क्लीनिक के लिए सरकार की नजर डॉक्टरों और उनकी सुख-सुविधाओं पर है. सरकार ने निर्णय लिया है कि डॉक्टरों को 60 हजार रुपए वेतन के साथ प्रोत्साहन राशि भी दी जाए. संजीवनी क्लीनिक के लिए डॉक्टरों की भर्ती संविदा से की जाएगी.
संजीवनी बूटी
कमलनाथ सरकार जनता की सेहत का ख्याल रखते हुए उन्हें स्वास्थ्य अधिकार दे रही है. उसके द्वारा शुरू किए जाने वाले ये संजीवनी क्लीनिक बीमार-परेशान लोगों के लिए संजीवनी बूटी साबित हो सकते हैं.
कमलनाथ सरकार जनता की सेहत का ख्याल रखते हुए उन्हें स्वास्थ्य अधिकार दे रही है. उसके द्वारा शुरू किए जाने वाले ये संजीवनी क्लीनिक बीमार-परेशान लोगों के लिए संजीवनी बूटी साबित हो सकते हैं.
