जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने दुष्कर्म की शिकार 11 साल की बालिका को गर्भपात कराने की अनुमति प्रदान कर दी है। अदालत ने कहा है कि गर्भपात की प्रक्रिया के दौरान पूर्ण सावधानी बरती जाए। न्यायाधीश नंदिता दुबे ने पीड़ित बालिका की मां की ओर से दायर याचिका का निराकरण करते हुए सोमवार को ये आदेश दिया।
इस आदेश के पहले दो बार मेडिकल बोर्ड से बालिका की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में गर्भपात नहीं कराने के लिए कहा गया था, हालाकि रिपोर्ट में गर्भपात की स्थिति में क्या परिणाम आएंगे, इस बारे में जिक्र नहीं किया गया। वहीं पीड़िता की मां की ओर अदालत के समक्ष लिखित में कहा गया है कि गर्भपात के दौरान आने वाले जोखिमों की जिम्मेदारी उसकी रहेगी।
दुष्कर्म की शिकार बालिका हो गई थी गर्भवती
कोर्ट ने पूरी सावधानी बरतते हुए गर्भपात कराने के आदेश दिए हैं। पीड़िता निवाड़ी जिला निवासी है और नजदीकी रिश्तेदार के दुष्कर्म के कारण वह गर्भवती हो गई। उसके करीब साढ़े सात माह का गर्भ है। पीड़िता की मां उसका गर्भपात कराना चाहती है। इसकी इजाजत टीकमगढ़ जिला न्यायालय की ओर से नहीं मिलने के कारण वह इसी मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंची थी। सोमवार को अदालत ने इस मामले का निपटारा करते हुए गर्भपात कराने का आदेश दे दिया।
बेटी ने बताया रिश्तेदार ने किया रेप
याचिका में पीड़िता की मां ने बताया कि वो और उसका पति अप्रैल माह काम की तलाश में दूसरी जगह चले गए थे। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए उसने अपने एक नजदीकी रिश्तेदार के पास बेटी और बेटे को छोड़ दिया था।सितंबर माह में लौटने पर संदेह होने पर उसने बेटी से पूछताछ की। उसने बताया कि रिश्तेदार ने डरा धमकाकर उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा।
इस आदेश के पहले दो बार मेडिकल बोर्ड से बालिका की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में गर्भपात नहीं कराने के लिए कहा गया था, हालाकि रिपोर्ट में गर्भपात की स्थिति में क्या परिणाम आएंगे, इस बारे में जिक्र नहीं किया गया। वहीं पीड़िता की मां की ओर अदालत के समक्ष लिखित में कहा गया है कि गर्भपात के दौरान आने वाले जोखिमों की जिम्मेदारी उसकी रहेगी।
दुष्कर्म की शिकार बालिका हो गई थी गर्भवती
कोर्ट ने पूरी सावधानी बरतते हुए गर्भपात कराने के आदेश दिए हैं। पीड़िता निवाड़ी जिला निवासी है और नजदीकी रिश्तेदार के दुष्कर्म के कारण वह गर्भवती हो गई। उसके करीब साढ़े सात माह का गर्भ है। पीड़िता की मां उसका गर्भपात कराना चाहती है। इसकी इजाजत टीकमगढ़ जिला न्यायालय की ओर से नहीं मिलने के कारण वह इसी मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंची थी। सोमवार को अदालत ने इस मामले का निपटारा करते हुए गर्भपात कराने का आदेश दे दिया।
बेटी ने बताया रिश्तेदार ने किया रेप
याचिका में पीड़िता की मां ने बताया कि वो और उसका पति अप्रैल माह काम की तलाश में दूसरी जगह चले गए थे। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए उसने अपने एक नजदीकी रिश्तेदार के पास बेटी और बेटे को छोड़ दिया था।सितंबर माह में लौटने पर संदेह होने पर उसने बेटी से पूछताछ की। उसने बताया कि रिश्तेदार ने डरा धमकाकर उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा।
