मध्यप्रदेश के श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबूलाल जंडेल समेत 14 आरोपियों को 11 साल पुराने आपराधिक मामले में एक साल की जेल और सभी को 500 रुपये का जुर्माना देने की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया।
क्या था मामला-
यह मामला दो जनवरी 2008 का है। श्योपुर सिंचाई विभाग के उपयंत्री (सब-इंजीनियर) के.एन. पाराशर मातासुला गांव में पेट्रोलिंग कर रहे थे। पेट्रोलिंग के दौरान उन्होंने देखा कि कुछ ग्रामीणों ने नहर चालू रखी हुई है और जैसे ही वे उसका गेट बंद करने लगे तो मुख्य आरोपी बाबूलाल समेत करीब 100 लोगों ने उनपर हमला कर दिया। तब पाराशर ने बाबूलाल और अन्य 14 पर मारपीट का केस दर्ज करवाया था।
तब यह मामला श्योपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में गया और अदालत ने 15 जुलाई 2015 को सभी आरोपियों को एक साल की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके बाद आरोपियों ने अदालत के फैसले को ना मानते हुए उसे राजधानी दिल्ली स्थित विशेष अदालत में चुनौती दी। विशेष अदालत के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार सिंह ने आरोपियों को दोषी मानते हुए श्याेपुर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
