मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि आज देश में अगर सभी वर्गों को समान रूप से न्याय मिलरहा है तो उसका श्रेय बाबा साहेब अम्बेडकर को जाता है। बाबा साहेब ने भारतीय संविधान बनाया, जिसकीबुनियाद न्याय पर टिकी है। मुख्यमंत्री नाथ रवीन्द्र भवन, भोपाल में अनुसूचित जाति-जनजातिअधिकारी-कर्मचारी संघ के प्रांतीय अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। अधिवेशन में अनुसूचित जातिकल्याण मंत्री लखन घनघोरिया भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुसार हीमध्यप्रदेश में शासन-प्रशासन चलेगा। न्याय में कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आज देश विभिन्नताओंके बावजूद एक झंडे के नीचे खड़ा है, यह न्याय की ही ताकत है। यहाँ सबके लिये समान दृष्टि है। समाजके गरीब, कमजोर वर्ग की आवाज हमारा संविधान है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, सभ्यता औरइतिहास में न्याय को विशेष स्थान मिला है।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. अम्बेडकर के योगदान का उल्लेख करतेहुए कहा कि सिर्फ भारत ही नहीं, पूरा विश्व उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का सम्मान करता है। उन्होंनेदक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के संविधान बनाने में मदद की। मुख्यमंत्री ने अजाक्स द्वारा प्रस्तुतमांग-पत्र पर कहा कि दिसंबर महिने के बाद प्रदेश की सरकार को काम करने के लिए मात्र पाँच माह कासमय मिला है। मैं आश्वस्त करना चाहता हूँ कि मध्यप्रदेश में न्याय की सरकार है। इस नाते अजाक्स केलोगों के साथ भी न्याय होगा।
मुख्यमंत्री ने अजाक्स से अपेक्षा की कि वह आज की युवा पीढ़ी को भटकने से रोके। उन्हेंसामाजिक मूल्यों से जोड़े, जो किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने कहा कि इसके लिएसंगठन द्वारा विशेष प्रयास किया जाएं, जिससे हमारा युवा वर्ग भ्रमित न हो, किसी के बहकावे में न आए।
अजाक्स के प्रांतीय अध्यक्ष जे.एन. कंसोटिया ने अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर शासकीयछुट्टी घोषित करने पर मुख्यमंत्रीकमल नाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने शासन-प्रशासन एवंसंस्थाओं में अजाक्स के लोगों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने का आग्रह किया। विजय शंकर श्रवण, एच.एस. सूर्यवंशी एवं सी.एम. धुर्वे ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा, गृह मंत्री बाला बच्चन, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, आदिम जाति कल्याण मंत्री ओंकार सिंह मरकाम, उच्च शिक्षा मंत्री जीतूपटवारी, महिला-बाल विकास मंत्री इमरती देवी एवं बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुसार हीमध्यप्रदेश में शासन-प्रशासन चलेगा। न्याय में कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आज देश विभिन्नताओंके बावजूद एक झंडे के नीचे खड़ा है, यह न्याय की ही ताकत है। यहाँ सबके लिये समान दृष्टि है। समाजके गरीब, कमजोर वर्ग की आवाज हमारा संविधान है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, सभ्यता औरइतिहास में न्याय को विशेष स्थान मिला है।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. अम्बेडकर के योगदान का उल्लेख करतेहुए कहा कि सिर्फ भारत ही नहीं, पूरा विश्व उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का सम्मान करता है। उन्होंनेदक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के संविधान बनाने में मदद की। मुख्यमंत्री ने अजाक्स द्वारा प्रस्तुतमांग-पत्र पर कहा कि दिसंबर महिने के बाद प्रदेश की सरकार को काम करने के लिए मात्र पाँच माह कासमय मिला है। मैं आश्वस्त करना चाहता हूँ कि मध्यप्रदेश में न्याय की सरकार है। इस नाते अजाक्स केलोगों के साथ भी न्याय होगा।
मुख्यमंत्री ने अजाक्स से अपेक्षा की कि वह आज की युवा पीढ़ी को भटकने से रोके। उन्हेंसामाजिक मूल्यों से जोड़े, जो किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने कहा कि इसके लिएसंगठन द्वारा विशेष प्रयास किया जाएं, जिससे हमारा युवा वर्ग भ्रमित न हो, किसी के बहकावे में न आए।
अजाक्स के प्रांतीय अध्यक्ष जे.एन. कंसोटिया ने अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर शासकीयछुट्टी घोषित करने पर मुख्यमंत्रीकमल नाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने शासन-प्रशासन एवंसंस्थाओं में अजाक्स के लोगों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने का आग्रह किया। विजय शंकर श्रवण, एच.एस. सूर्यवंशी एवं सी.एम. धुर्वे ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा, गृह मंत्री बाला बच्चन, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, आदिम जाति कल्याण मंत्री ओंकार सिंह मरकाम, उच्च शिक्षा मंत्री जीतूपटवारी, महिला-बाल विकास मंत्री इमरती देवी एवं बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
