RSS पर नीतीश सरकार की निगाहें, स्पेशल सेल खंगालेगी संघ के सभी संगठनों की कुंडली

पटना : बिहार सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके सहयोगी संगठनों को लेकर बिहार सरकार के विशेष शाखा द्वारा एक चिट्ठी जारी की गई है, जिस पर अब मामला गरमाता जा रहा है. चिट्ठी को लेकर राजनीति शुरू हो गई है. सियासी दल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं. वहीं. जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) के नेताओं को जवाब देते नहीं बन रहा है. इससे इतर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), आरएसएस को देश का सबसे अच्छा संगठन बता रही है. 
एक तरफ आम चुनाव के बाद मई के महीने दिल्ली में नरेंद्र मोदी सरकार के गठन की तैयारी चल ही थी, वहीं दिल्ली से लगभग हजार किलोमीटर दूर बिहार सरकार के विशेष शाखा के एसपी ने बिहार के सभी जिलों के अधिकारियों को एक चिट्ठी लिख रहे थे.
चिट्ठी में आरएसएस और उससे जुड़े 19 संगठनों के बारे में जानकारी जुटाने और मुख्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. 28 मई को जारी इस चिट्ठी पर तीन जून को अमल करने का निर्देश जारी किया गया था. अब इसी मुद्दे पर विपक्षी निशाना साध रहे हैं.

चिट्ठी पर बरपा हंगामा
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने निशाना साधा, तो भला प्रमुख विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) कहां चुप रहने वाली थी. उसने भी बीजेपी और जेडीयू को कठघरे में खड़ा कर दिया है. विपक्षियो ने निशाना साधा तो बीजेपी ने आरएसएस को देश का सबसे अच्छा संगठन बताया और कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी आरएसएस के सदस्य रहे हैं. बीजेपी नेता आरएसएस की बड़ाई कर रहे हैं तो जेडीयू नेता सवाल का जवाब देने से कतरा रहे हैं. उनका कहना बै कि हमारे विषय से संबंधित सवाल करेंगे तो उत्तर देंगे. 
आरएसएस को लेकर जारी की चिट्ठी को लेकर भले ही जेडीयू के नेता किनारा कर रहे हैं, लेकिन ये मामला यहीं रुकने वाला नहीं है. इसको लेकर आने वाले दिनों में जब सूबे की राजनीति गरमाएगी, तब जेडीयू को जवाब देना होगा.

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