घूंघट नहीं करने पर पति करता था टॉर्चर, शिक्षिका ने कर ली खुदकुशी

आज भले ही ये दावा किया जाता है कि महिला और पुरुष बराबर है, उनमें कोई भेद नहीं है, लेकिन समाज की जमीनी हकीकत अभी भी कुछ अलग ही है. समाज में अभी भी ऐसे कई लोग है जो अभी भी महिलाओं को रूढ़ियों की बेड़ियों में जकड़कर रखना चाहते थे.

मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में एक ऐसा ही मामले सामने आया है. यहां एक महिला शिक्षिका को इसलिए ख़ुदकुशी के लिए मजबूर होना पड़ा कि उसके ससुराल वाले चाहते थे कि वह घूंघट डाले बगैर घर से बाहर न निकलें.
ग्वालियर में संविदा शिक्षिका के रुप में पदस्थ उमा गुर्जर ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है. 26 साल की उमा गुर्जर डबरा ब्लॉक के किटोरा गांव में पदस्थ थीं. उमा ने ग्वालियर के मुरार थाना के सिद्धेश्वर नगर में खुदकुशी की.

उमा के परिजनों के मुताबिक ससुराल में उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था. साथ ही जब से वह शिक्षिका बनी है, तब से ससुराल वाले उसे घूंघट में रहने के लिए दबाव डाल रहे थे.
परिजनों के मुताबिक उमा का पति ये कहता था कि पढ़ाने जाओ तो घूंघट डाल के जाया करो. सिर खुला होने से हमारी बदनामी होती है. दोनों पति-पत्नी में आए दिन झगड़े होते थे.

उमा की शादी को आठ साल हो चुके थे और उसकी एक बच्ची भी है जबकि पति बेरोजगार ही है. फिलहाल मुरार थाना पुलिस ने मृतक उमा के पिता के द्वारा लगाएं गए आरोप के मामले की जांच में जुट गई है.

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