एमपी में दो और किसानों ने की आत्महत्या, 10 दिनों में 18 मौतें

मध्यप्रदेश में किसानों की आत्महत्या के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है. अब राज्य के छतरपुर में कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली.

वहीं, सागर जिले के बीना में भी एक किसान ने अपनी जान दे दी. राज्य में किसान आंदोलन शुरू होने के बाद अब तक 18 किसान आत्महत्या कर चुके हैं.
राज्य के बुंदेलखंड हिस्से के तहत आने वाले छतरपुर के पड़रिया गांव के किसान महेश तिवारी पर करीब एक लाख रुपए का कर्ज था. परिजनों ने बताया कि फसल खराब होने की वजह से महेश तिवारी पर कर्ज का बोझ बढ़ गया था, जिसके चलते उन्होंने मौत को गले लगा लिया.
मृतक किसान के बेटे ने बताया कि उसके पिता ने बंटाई पर खेत लेकर चने और गेहूं की फसल उगाई थी. दोनों फसल खराब होने की वजह से वह काफी सदमे में थे. उन्हें कर्ज लौटाने का डर सता रहा था.
वहीं, सिविल लाइन थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, जिसके बाद ही आत्महत्या की असल वजह का खुलासा हो सकेगा.

वहीं, सागर जिले के बीना में साहूकार के कर्ज से तंग आकर किसान गुलई कुर्मी ने पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. किसान ने सुसाइड नोट में शंकर उदैनिया नाम के एक साहूकार पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है.

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