Jabalpur: भ्रष्टाचार के मुद्दे पर निगम से विपक्ष ने नारेबाजी कर किया बहिर्गमन

nagar nigam jabalpur
जबलपुर। नगर निगम सदन की साधारण सभा की बैठक पिछली बैठकों की कार्यवाही और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गर्म रही। विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर महापौर की एक टिप्पणी से मध्यांतर के बाद विपक्ष विफर गया और भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। इसके पूर्व बैठक में पारसी क्लब की जमीन पर बने सिटी अस्पताल के साथ-साथ जबलपुर क्लब और मुस्लिम क्लब के मामले की जांच के लिए 31 अक्टूबर को समिति गठित करने और जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश आसंदी से दिए गए थे, लेकिन इन निर्देशों पर कोई पालन नहीं हुआ। नेता प्रतिपक्ष राजेश सोनकर और वरिष्ठ पार्षद विनय सक्सेना ने इस पर महापौर और अधिकारियों से जवाब मांगा। विपक्ष ने कहा कि यह सदन की अवमानना है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब निगम में तय हुए प्रस्तावों पर अमल नहीं करना है तो फिर सदन की बैठक का औचित्य क्या है। पार्षद विनय सक्सेना ने एमआईसी सदस्य रेखा सिंह ठाकुर के पत्र को शामिल किए जाने को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बजट जैसे विषय में सदन में चर्चा के बाद किसी अन्य को बिना सदन में प्रस्तुत किए चर्चा में शामिल कर लिया गया है। क्या सब किसी अधिकारी के इशारे पर किया गया है। जिस विषय को सदन में नहीं रखा गया, उसे पिछले दरवाजे से सदन की चर्चा में शामिल करने की कोशिश करना अनैतिक और अलोकतांत्रिक है। वरिष्ठ पार्षद विनय सक्सेना ने सत्ता पक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों का जब तक निराकरण नहीं होता तब तक उनकी पुष्टि कैसे की जा सकती है। पार्षद ताहिर अली ने आसंदी से सवाल किया कि जिस प्रकार मुस्लिम क्लब की जमीन वापस ली गई है, उसी प्रकार अन्य समाज की जमीनों को भी वापस लिया जाए। 
सुअर पकड़ने में हो रहा खेल.......
कांग्रेस पार्षद ताहिर अली और षि यादव ने सवाल किया कि नगर नगम ने आवारा सुअरों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान में भी लंबा खेल हो रहा है। स्वास्थ्य प्रभारी एमआईसी सदस्य काके आनंद ने बताया कि एक साल में 125 सुअर पकड़े गए। पार्षद रोकड़ पटेल और एमआईसी सदस्य इंद्रजीत कौर ने काके की बात का समर्थन करते हुए कहा कि उनक वार्ड में सुअर पकड़े गए। इस पर ताहिर अली ने चुटकी ली कि भैया भाभी के वार्ड में आज तक एक भी सुअर नहीं पकड़ा गया। 
सुरक्षा गार्ड तैनाती में भ्रष्टाचार......
भोजन अवकाश के बाद सदन एक बार फिर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गरमा गया। सुरक्षा एजेंसी को गाडार्ें की तैनाती के लिए बिना टेंडर के भुगतान किए जाने और भष्टाचार किए जाने का मुद्दा उठाते हुए वरिष्ठ पार्षद विनय सक्सेना ने नगर सत्ता और अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उसी एजेंसी को 350 रूपया और उसी एजेंसी को 990 रूपया के हिसाब से बिना टेंडर के भुगतान किया गया। साल भर में 2 करोड़ का भुगतान किया जा रहा है, यह जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मिली है। सदन में जब भ्रष्टाचार का यह मुद्दा उठाया जा रहा है तो महापौर का यह कहना कि, आप लोग फालतू बात करते हैं, बैठ जाईये, यह विपक्ष के अधिकारों का हनन और अपमान है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने बहिर्गमन किया। सदन के बाहर खड़े होकर विपक्ष भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। 

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