हरियाणिवी छोरे ने बनाई ऐसी बॉडी जिसके सामने बॉडी बिल्डर भी हुए फेल!

पानीपत: अक्सर लोग संसाधनों का रोना रोया करते रहते हैं कि अगर उन्हें उचित सुविधाएं मिल जाती तो आसमान छू लेते। ये खबर उन्ही लोगों के लिए है जो कहते हैं कि उन्हें उचित सुविधाएं न मिलने के कारण वे आगे नहीं बढ़ पाए। खबर पानीपत के छोटे से गांव मेहराणा की है। जंहा एक ने युवक संसाधनों के अभाव में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। किसान के बेटे प्रवीण नांदल ने उचित संसाधन न होने के बावजूद एक मिसाल कायम की है। नांदल बॉडी बिल्डिंग के ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने न केवल प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान कायम की है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर दिखाया है। प्रवीन ने बिना किसी सरकारी सहायता के ही रशिया चैंपियन, यूरोप चैंपियन और अमेरिका चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है।
बॉडी बिल्डिंग के लिए धैर्य और संयम की जरूरत
प्रवीन का सपना ओलंपिक पदक भी भारत की झोली में डालने का है जिसके लिए कठोर परिश्रम कर रहे हैं। देश का नाम रोशन करने का सपने देखने वाले प्रवीन तीन इंटरनेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड, एक बार ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियन, दो बार स्टेट चैंपियन और तीन बार कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी चैंपियन बन चुके हैं। आज के युवाओं के बारे में प्रवीन ने कहा कि आज युवाओं में बॉडी बिल्डिंग को लेकर काफी क्रेज है लेकिन मेहनत करने के बजाय युवा शॉर्ट कट अपनाना ज्यादा पसंद करते हैं और विभिन्न प्रकार की दवाइयां लेकर बॉडी बनाने का प्रयास करते हैं। लेकिन इससे शरीर को काफी नुकसान होता है। बॉडी बिल्डिंग के लिए काफी धैर्य और संयम की जरूरत होती है।

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