मध्य प्रदेश: 7 महीनों में आत्महत्या के 5230 मामले

भोपाल
देश का दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में आत्महत्या के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। यहां पिछले 7 महीनों में 5230 लोगों ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली। इनमें 441 स्टूडेंट जबकि 818 किसान और लेबर शामिल हैं। सत्तारूढ़ बीजेपी ने विधानसभा में इन आंकड़ों को सामने रखा।

सदन में आत्महत्या से संबंधित प्रश्न के जवाब में मिले सरकारी आंकड़ों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी के MLA रामनिवास रावत ने कहा, '7 दिसंबर 2016 को सरकार ने खुलासा किया कि 1 जुलाई 2016 से 15 नवंबर 2016 के बीच सुइसाइड के 3469 मामले रिपोर्ट हुए। इसमें 531 किसान और 281 स्टूडेंट शामिल हैं।'

रावत के सवाल का जवाब देते हुए प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा, 'यह आंकड़े सही हैं। 16 नवंबर 2016 से 27 फरवरी 2017 के दौरान सुइसाइड के 1761 मामले सामने आए। इसमें 106 किसान, 181 लेबर हैं। इसके साथ ही पिछले 7 महीनों में आत्महत्या के कुल मामलों की संख्या 5230 तक पहुंच गई।'
मध्य प्रदेश पुलिस के अफिशल आंकड़ों के अनुसार 2015 में आत्महत्या के 10293 मामले दर्ज किए गए। इसमें 6294 पुरुष, 3999 महिलाएं , 625 स्टूडेंट और 581 लेबर शामिल थे।

सिंह ने आत्महत्या को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछने पर कहा, 'राज्य सरकार ने आत्महत्या को रोकने के लिए सुरक्षा के मानक तय करने के साथ ही जागरुकता अभियान भी चलाया गया। इसमें से एक हैप्पीनेस डिपार्टमेंट का गठन है। सरकार ने यह भी तय किया है कि लाभार्थियों को स्कीम का लाभ सही समय पर मिल जाए।'

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