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जादू-टोने के शक में 80 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या, घुघरी पुलिस ने 60 वर्षीय आरोपी को पकड़ा; वारदात में इस्तेमाल बका जब्त

मंडला जिले के घुघरी थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसवाही में 80 वर्षीय सोहन सिंह सरौते की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार 60 वर्षीय धौकल धुर्वे को संदेह था कि बुजुर्ग कथित तौर पर तंत्र-मंत्र और जादू-टोना करते हैं और इसी कारण उसके जीवन में परेशानियां आ रही हैं। इसी संदेह और पुरानी रंजिश को पुलिस ने हत्या के पीछे की वजह बताया है। 29 सितंबर को बुजुर्ग का शव उनके घर के कमरे में मिलने के बाद जांच शुरू हुई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल धारदार बका जब्त किया है। हत्या की परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका से जुड़े पुलिस के दावों का अंतिम न्यायिक निर्धारण अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगा।

जादू-टोने के शक में 80 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या, घुघरी पुलिस ने 60 वर्षीय आरोपी को पकड़ा; वारदात में इस्तेमाल बका जब्त

मंडला। जिले के घुघरी थाना क्षेत्र में जादू-टोने और तंत्र-मंत्र के संदेह ने कथित तौर पर एक बुजुर्ग की जान ले ली। ग्राम भैंसवाही में घर के भीतर 80 वर्षीय सोहन सिंह सरौते की हत्या के मामले में पुलिस ने गांव के ही 60 वर्षीय धौकल धुर्वे को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को लंबे समय से संदेह था कि उसकी परेशानियों के पीछे बुजुर्ग द्वारा किया जा रहा कथित जादू-टोना है।

पुलिस जांच में इसी संदेह और रंजिश को वारदात की वजह बताया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने 28 सितंबर की रात बुजुर्ग के घर पहुंचकर धारदार हथियार से हमला किया था। अगले दिन घटना की जानकारी मिलने के बाद घुघरी थाना और सलवाह चौकी पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया बका भी जब्त करने की जानकारी दी है।

अंधविश्वास के शक को पुलिस ने बताया हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार आरोपी को संदेह था कि 80 वर्षीय सोहन सिंह सरौते तंत्र-मंत्र और जादू-टोना करते हैं और इसी वजह से उसे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस जांच में इसी संदेह को हत्या के पीछे की कथित वजह बताया गया है।

29 सितंबर को घर के कमरे में मिला था बुजुर्ग का शव

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 29 सितंबर 2026 को चौकी सलवाह, थाना घुघरी को सूचना मिली थी कि ग्राम भैंसवाही निवासी सोहन सिंह सरौते, उम्र 80 वर्ष की उनके घर के अंदर हत्या कर दी गई है। बुजुर्ग के गले पर धारदार हथियार से हमले के निशान होने की जानकारी पुलिस को मिली थी।

सूचना मिलते ही घुघरी थाना और सलवाह चौकी का पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच शुरू की।

मृतक के परिजन रतन सिंह सरौते की रिपोर्ट पर पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया था।

मुखबिर की सूचना से गांव के ही व्यक्ति तक पहुंची पुलिस

हत्या के मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गांव और आसपास के क्षेत्र में पूछताछ शुरू की। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर धौकल धुर्वे, उम्र 60 वर्ष, निवासी स्कूलटोला भैंसवाही को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच के दौरान सामने आई जानकारी के बाद संदेही की भूमिका पर शक मजबूत हुआ और आगे की कार्रवाई की गई।

पुलिस का दावा—जादू-टोने का था संदेह
पुलिस के मुताबिक आरोपी को यह संदेह था कि मृतक कथित तौर पर तंत्र-मंत्र और जादू-टोना करता है। पुलिस का कहना है कि आरोपी अपनी परेशानियों के लिए बुजुर्ग को जिम्मेदार मानने लगा था और इसी बात को लेकर उसके मन में रंजिश पैदा हुई।

28 सितंबर की रात हुई थी वारदात

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार वारदात 28 सितंबर की रात हुई थी। पुलिस का आरोप है कि धौकल धुर्वे धारदार बका लेकर सोहन सिंह सरौते के घर पहुंचा और उन पर हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग की मौत हो गई।

घटना के बाद आरोपी वहां से निकल गया। पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद इस्तेमाल किए गए हथियार और कपड़ों को पानी से साफ करने की कोशिश भी की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने इस घटनाक्रम से संबंधित जानकारियां जुटाने का दावा किया है।

मामले की प्रकृति को देखते हुए घटना के अनावश्यक रूप से वीभत्स विवरण सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा जुटाए गए भौतिक और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण मामले की आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होगा।

वारदात में इस्तेमाल बका जब्त

पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार बका जब्त करने की जानकारी दी है। जब्त हथियार को मामले में भौतिक साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया गया है।

पुलिस आरोपी से वारदात से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटाने के बाद उसे न्यायालय मंडला में पेश करने की कार्रवाई कर रही है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।

जादू-टोने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं
किसी व्यक्ति की बीमारी, पारिवारिक समस्या या जीवन में आने वाली परेशानियों को जादू-टोने से जोड़ने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। ऐसे संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति को प्रताड़ित करना या हिंसा करना गंभीर अपराध है। बीमारी अथवा मानसिक तनाव जैसी परिस्थितियों में प्रमाणित चिकित्सा और उचित विशेषज्ञ सहायता लेना जरूरी है।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई जांच

पुलिस के अनुसार मामले की जांच पुलिस अधीक्षक मंडला राजेश रघुवंशी के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार वर्मा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बिछिया सौरभ तिवारी के मार्गदर्शन में टीम ने कार्रवाई की।

थाना प्रभारी घुघरी निरीक्षक प्रकाश चन्द्र सेन और चौकी प्रभारी सलवाह निरीक्षक हितेश शर्मा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने हत्या के मामले की विवेचना करते हुए आरोपी तक पहुंचने और उसे गिरफ्तार करने की जानकारी दी है।

अंधविश्वास से उपजी हिंसा ने फिर खड़े किए गंभीर सवाल

पुलिस की जांच में सामने आया कथित कारण इस घटना को सामान्य आपराधिक वारदात से आगे अंधविश्वास से जुड़ी हिंसा के गंभीर सवाल से भी जोड़ता है। किसी व्यक्ति की बीमारी या व्यक्तिगत परेशानियों के लिए दूसरे व्यक्ति के कथित तंत्र-मंत्र को जिम्मेदार मानना और फिर हिंसा पर उतर आना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

ऐसे मामलों में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, वैज्ञानिक सोच और विवादों की स्थिति में समय रहते पुलिस एवं प्रशासन तक पहुंच की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

मामला एक नजर में
स्थान — ग्राम भैंसवाही, चौकी सलवाह, थाना घुघरी, मंडला
घटना — 28 सितंबर 2026 की रात
पुलिस को सूचना — 29 सितंबर 2026
मृतक — सोहन सिंह सरौते, उम्र 80 वर्ष
गिरफ्तार आरोपी — धौकल धुर्वे, उम्र 60 वर्ष
पुलिस द्वारा बताई गई वजह — कथित जादू-टोने का संदेह और रंजिश
जब्ती — वारदात में इस्तेमाल धारदार बका
स्थिति — आरोपी गिरफ्तार, आगे की विवेचना जारी

अदालत में साक्ष्यों के आधार पर तय होगी जिम्मेदारी

पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी और हथियार की जब्ती का दावा किया है। अब जांच में जुटाए गए साक्ष्य न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे। पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के साथ फॉरेंसिक और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी।

किसी आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर किया जाता है।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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