जबलपुर। गणेश पंडाल में करंट लगने से 16 वर्षीय स्कूली छात्र शौर्य चनपुरिया की मौत का मामला अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। अपने साथी की मौत से दुखी और नाराज बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सोमवार को एसपी ऑफिस पहुंचे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़ को ज्ञापन सौंपकर घटना की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदारी तय कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
शौर्य जसूजा सिटी फेज-3 का निवासी था। विद्यार्थियों का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने पुलिस से घटना की परिस्थितियों और पंडाल में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने की मांग की है।
छात्र-छात्राओं ने ज्ञापन देकर मांग की कि पंडाल में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और घटना के लिए जिम्मेदारी की निष्पक्ष जांच कर दोष पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
गणेश पंडाल में करंट लगने से हुई थी शौर्य की मौत
बताया गया कि घटना वाले दिन शौर्य अपने घर के नजदीक धनवंतरी नगर क्षेत्र में स्थापित गणेश पंडाल में आरती और पूजन के लिए गया था। धार्मिक कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह पंडाल से बाहर निकल रहा था। इसी दौरान कथित तौर पर एक लोहे के खंभे में आए विद्युत प्रवाह की चपेट में आ गया।
घटना के बाद वहां मौजूद लोगों और परिजनों द्वारा शौर्य को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। किशोर की अचानक मौत से परिवार के साथ उसके दोस्तों और सहपाठियों को गहरा सदमा लगा।
छात्रों का सवाल—आखिर जिम्मेदारी किसकी?
एसपी कार्यालय पहुंचे विद्यार्थियों ने मांग की कि पुलिस यह जांच करे कि पंडाल में बिजली की व्यवस्था किसने की थी, लोहे के खंभे में विद्युत प्रवाह कैसे पहुंचा और आयोजन स्थल पर बिजली से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।
छात्रों का कहना है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति अथवा आयोजन से जुड़े जिम्मेदार की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
▪️ घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो
▪️ पंडाल की विद्युत व्यवस्था की जांच की जाए
▪️ जिम्मेदारी निर्धारित की जाए
▪️ लापरवाही मिलने पर कानूनी कार्रवाई हो
▪️ मामले में शीघ्र पुलिस कार्रवाई की जाए
एफआईआर नहीं होने से नाराज सहपाठी
ज्ञापन देने पहुंचे विद्यार्थियों का कहना है कि घटना के कई दिन गुजर जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने से उनमें नाराजगी है। उन्होंने पुलिस से मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग की। विद्यार्थियों ने कहा कि उनकी मांग पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे विरोध-प्रदर्शन का रास्ता अपना सकते हैं।
ASP आयुष जाखड़ ने दिया जांच और कार्रवाई का भरोसा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़ ने विद्यार्थियों की बात सुनी और ज्ञापन लिया। छात्रों के अनुसार उन्हें भरोसा दिलाया गया कि प्रकरण की जांच कर तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
एसपी कार्यालय पहुंचे छात्र-छात्राओं का कहना था कि वे अपने साथी की मौत के मामले में केवल निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी का निर्धारण और कानून के मुताबिक कार्रवाई चाहते हैं।
ये छात्र पहुंचे ज्ञापन देने
ज्ञापन देने वालों में शहद गुरनानी, दिव्यांश सिंह, भव्या मंधवानी, अनंत शिवहरे, सूर्यांश गुप्ता, शौर्य दुबे, पर्व अग्रवाल, निमिष ताम्रकार, भाग्यशाली अरजानी, अथर्व गुप्ता, यश ठाकुर, राज, अथर्व यादव, अनंत मिश्रा, सात्विक दुबे, देवांश जैन, अमन तिवारी और विनय तिवारी सहित अन्य छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
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