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मदन महल थाने के शिव मंदिर की सीढ़ियों पर फन फैलाकर बैठा 5.5 फीट का कोबरा, सर्प विशेषज्ञ ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

जबलपुर के मदन महल थाना परिसर स्थित शिव मंदिर की सीढ़ियों के पास शाम करीब 7 बजे लगभग साढ़े पांच फीट लंबा कोबरा दिखाई देने से हड़कंप मच गया। आरक्षक मुन्ना लाल चौधरी की सूचना पर पहुंचे सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे ने कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे बरगी क्षेत्र के प्राकृतिक रहवास में छोड़ दिया। उन्होंने सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की।

मदन महल थाने के शिव मंदिर की सीढ़ियों पर फन फैलाकर बैठा 5.5 फीट का कोबरा, सर्प विशेषज्ञ ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

जबलपुर। मदन महल थाना परिसर में सोमवार शाम उस वक्त अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब परिसर में स्थित शिव मंदिर की सीढ़ियों के पास एक बड़ा कोबरा फन फैलाए दिखाई दिया। पुलिसकर्मियों की नजर सांप पर पड़ी तो तत्काल इसकी सूचना सर्प विशेषज्ञ को दी गई।

आरक्षक मुन्ना लाल चौधरी की सूचना पर सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानी के साथ कोबरा का रेस्क्यू किया। सांप को सुरक्षित पकड़ने के बाद उसे बरगी क्षेत्र के प्राकृतिक रहवास में ले जाकर छोड़ दिया गया।

 थाने के मंदिर के पास निकला कोबरा

स्थान: मदन महल थाना परिसर, जबलपुर
समय: शाम करीब 7 बजे
लंबाई: करीब 5.5 फीट
रेस्क्यू: सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे
सुरक्षित छोड़ा: बरगी क्षेत्र के प्राकृतिक रहवास में

 शिव मंदिर की सीढ़ियों के पास फन फैलाए दिखा कोबरा

मदन महल थाना परिसर में स्थित शिव मंदिर के पास शाम करीब सात बजे पुलिसकर्मियों ने सांप को देखा। कोबरा सीढ़ियों के आसपास मौजूद था और फन फैलाए हुए दिखाई दिया। अचानक सांप नजर आने से थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी सतर्क हो गए।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांप के पास जाने या उसे पकड़ने की कोशिश नहीं की गई। आरक्षक मुन्ना लाल चौधरी ने तत्काल सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को इसकी जानकारी दी।

 करीब साढ़े पांच फीट लंबा था कोबरा
सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे के मुताबिक रेस्क्यू किया गया सांप कोबरा प्रजाति का था और उसकी लंबाई करीब साढ़े पांच फीट थी।

सर्प विशेषज्ञ ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

सूचना मिलते ही गजेंद्र दुबे मौके पर पहुंचे और आवश्यक सावधानी बरतते हुए सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ा। रेस्क्यू पूरा होने के बाद पुलिसकर्मियों ने भी राहत की सांस ली।

कोबरा को किसी तरह का नुकसान पहुंचाए बिना बरगी क्षेत्र में उसके उपयुक्त प्राकृतिक रहवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

 उमस और गर्मी के बीच ठंडी जगह की तलाश

सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे के अनुसार मौसम में बढ़ी उमस और गर्मी के कारण सांप ठंडी तथा सुरक्षित जगह की तलाश में मंदिर की सीढ़ियों के आसपास पहुंचा हो सकता है।

सर्पदंश हो तो झाड़-फूंक में न गंवाएं समय

गजेंद्र दुबे ने लोगों से अपील की कि सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने, छेड़ने या मारने की कोशिश न करें। प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ या संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि कोबरा का विष मुख्य रूप से तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है। इसलिए सर्पदंश की स्थिति में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। पीड़ित को झाड़-फूंक, अंधविश्वास या घरेलू उपचार में उलझाने के बजाय तत्काल नजदीकी अस्पताल या सक्षम चिकित्सा केंद्र पहुंचाया जाना चाहिए।

 सांप काटे तो क्या करें?

● घबराने के बजाय पीड़ित को शांत रखने की कोशिश करें।
● बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करें।
● झाड़-फूंक या जड़ी-बूटी के भरोसे इलाज में देरी न करें।
● सांप को पकड़ने या मारने के लिए उसके पीछे न जाएं।
● सुरक्षित दूरी से प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।

समय पर रेस्क्यू से टला खतरा

थाना परिसर जैसे आवाजाही वाले स्थान पर कोबरा मिलने के बावजूद समय रहते विशेषज्ञ को बुलाए जाने से सांप और वहां मौजूद लोगों दोनों को सुरक्षित रखा जा सका। घटना में किसी व्यक्ति के सर्पदंश की सूचना नहीं है।

सर्प विशेषज्ञ ने लोगों से अपील की है कि घर, कार्यालय या सार्वजनिक स्थान पर सांप दिखाई देने पर स्वयं रेस्क्यू करने के बजाय प्रशिक्षित व्यक्ति की सहायता लें।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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