जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर से प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर के बीच हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ा झटका लगने वाला है। इंडिगो एयरलाइंस ने 24 अक्टूबर से जबलपुर-इंदौर के बीच संचालित सीधी उड़ान सेवा बंद करने का निर्णय लिया है। एयरलाइन के आगामी विंटर शेड्यूल में इस उड़ान को शामिल नहीं किया गया है। यह जबलपुर और इंदौर को सीधे हवाई मार्ग से जोड़ने वाली एकमात्र नियमित उड़ान बताई जा रही है। इसके बंद होने से दोनों शहरों के बीच हवाई संपर्क प्रभावित होगा।
इंडिगो की जबलपुर से इंदौर होते हुए हैदराबाद जाने वाली उड़ान को आगामी विंटर शेड्यूल में जगह नहीं दी गई है। इससे जबलपुर से इंदौर की सीधी हवाई सेवा समाप्त हो जाएगी। यात्रियों को इंदौर पहुंचने के लिए सड़क, रेल या अन्य उपलब्ध परिवहन विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
ATR विमान के मेंटेनेंस को बताया जा रहा कारण
एयरलाइन अधिकारियों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार जबलपुर-इंदौर उड़ान सेवा बंद किए जाने के पीछे छोटे ATR विमान का मेंटेनेंस प्रमुख कारण बताया गया है। विमान की उपलब्धता प्रभावित होने के चलते इस मार्ग को आगामी उड़ान कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया है।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि मेंटेनेंस के बाद इस उड़ान को दोबारा शुरू किया जाएगा या नहीं। उड़ान बहाली की संभावित तारीख के संबंध में भी फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
हैदराबाद जाने वालों को राहत, 78 की जगह 186 सीटों वाला विमान
जबलपुर से इंदौर की उड़ान बंद होने के बीच हैदराबाद जाने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर भी है। इंडिगो एयरलाइंस डुमना एयरपोर्ट से हैदराबाद के बीच विमान की यात्री क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
इस मार्ग पर वर्तमान में संचालित 78 सीटों वाले छोटे ATR विमान के स्थान पर 186 सीटों वाला बड़ा एयरक्राफ्ट लगाने की जानकारी सामने आई है। इससे जबलपुर और हैदराबाद के बीच उपलब्ध सीटों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
यदि 78 सीटों वाले विमान की जगह 186 सीटों वाला विमान संचालित होता है, तो प्रत्येक उड़ान में 108 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी। इससे यात्रियों को अधिक विकल्प मिल सकते हैं और बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायता मिल सकती है।
जबलपुर-इंदौर हवाई संपर्क टूटने से व्यापारियों में चिंता
जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रेम दुबे ने जबलपुर-इंदौर उड़ान सेवा बंद किए जाने के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि इसका सीधा असर व्यापार, उद्योग, शिक्षा और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि व्यापारिक गतिविधियों में समय का विशेष महत्व होता है। व्यापारी कम समय में दूसरे शहरों तक पहुंचने के लिए हवाई यात्रा को प्राथमिकता देते हैं। सीधी विमान सेवा बंद होने से यात्रा में अधिक समय लगेगा और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
सड़क और रेल मार्ग पर बढ़ सकती है निर्भरता
जबलपुर से इंदौर जाने वाले यात्रियों के लिए सीधी उड़ान एक सुविधाजनक विकल्प रही है। उड़ान सेवा बंद होने के बाद यात्रियों को सड़क और रेल परिवहन का सहारा लेना होगा। विशेष रूप से कम समय में इंदौर पहुंचने वाले कारोबारी, विद्यार्थी और अन्य यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ सकती है।
हवाई संपर्क की कमी का असर उन यात्रियों पर भी पड़ सकता है, जो इंदौर से आगे अन्य शहरों की यात्रा करते हैं।
व्यापारिक संगठनों की चिंता है कि प्रदेश के दो महत्वपूर्ण शहरों के बीच सीधी हवाई सेवा समाप्त होने से आवागमन प्रभावित होगा। ऐसे में विमान की उपलब्धता सुनिश्चित कर इस मार्ग पर उड़ान दोबारा शुरू करने की आवश्यकता जताई जा रही है।
डुमना एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी पर फिर उठे सवाल
जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से विभिन्न महानगरों के लिए हवाई संपर्क शहर के व्यापारिक और आर्थिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इंदौर की सीधी उड़ान बंद होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं हैदराबाद मार्ग पर बड़े विमान का संचालन यात्रियों के लिए सकारात्मक कदम माना जा सकता है। अब यात्रियों और व्यापारिक संगठनों की नजर इस बात पर रहेगी कि जबलपुर-इंदौर के बीच सीधी विमान सेवा कब दोबारा शुरू होती है।
इंडिगो के प्रस्तावित बदलाव से जहां जबलपुर-इंदौर की सीधी हवाई सेवा प्रभावित होगी, वहीं हैदराबाद के लिए अधिक सीटें उपलब्ध होने की संभावना है। व्यापारिक संगठनों की मांग और यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए इंदौर मार्ग पर उड़ान बहाली का निर्णय महत्वपूर्ण होगा।



पाठक प्रतिक्रियाएं
अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं है।