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जबलपुर में बाइक और छोटा हाथी की जोरदार भिड़ंत, युवक गंभीर घायल; एम्बुलेंस-पुलिस की देरी से भड़के ग्रामीणों ने लगाया जाम

जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र अंतर्गत धनपुरी गांव में बरेला-मनेरी रोड पर तेज रफ्तार बाइक और छोटा हाथी वाहन की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में निवास क्षेत्र का एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद करीब एक घंटे तक पुलिस और एम्बुलेंस नहीं पहुंची, जिससे नाराज लोगों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। स्थानीय लोगों ने औद्योगिक क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने पर सवाल उठाए। पुलिस ने दो से तीन दिनों में बैरिकेड्स लगाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ।

जबलपुर में बाइक और छोटा हाथी की जोरदार भिड़ंत, युवक गंभीर घायल; एम्बुलेंस-पुलिस की देरी से भड़के ग्रामीणों ने लगाया जाम

जबलपुर। बरेला-मनेरी रोड पर स्थित धनपुरी गांव में बाइक और छोटा हाथी वाहन के बीच हुई जोरदार भिड़ंत ने सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बरेला थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसकी मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद करीब एक घंटे तक न तो एम्बुलेंस पहुंची और न ही पुलिस। इससे नाराज लोगों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

धनपुरी गांव में भीषण सड़क हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बरेला-मनेरी रोड पर एक बाइक और सामने से आ रहे छोटा हाथी वाहन की टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी तेज थी कि मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक निवास क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है।

तेज रफ्तार में बाइक से नियंत्रण खोने की आशंका

घटना के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाइक की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान चालक अचानक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और बाइक सामने से आ रहे छोटा हाथी वाहन से टकरा गई। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद ग्रामीण घायल युवक की सहायता के लिए पहुंचे।

हालांकि दुर्घटना की वास्तविक वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

एक घंटे तक मदद नहीं पहुंचने का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश

हादसे के बाद ग्रामीणों ने तत्काल एम्बुलेंस और पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद करीब एक घंटे तक कोई आपातकालीन सहायता मौके पर नहीं पहुंची। गंभीर रूप से घायल युवक को समय पर उपचार नहीं मिल पाने की आशंका से ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया।

इसके बाद नाराज ग्रामीण सड़क पर उतर आए और बरेला-मनेरी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन के कारण मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और घटनास्थल पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

ग्रामीणों का सवाल—हादसे के बाद समय पर सहायता क्यों नहीं?

स्थानीय लोगों ने आपातकालीन सेवाओं के घटनास्थल तक पहुंचने में कथित देरी पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता मिलना जरूरी है। उन्होंने इस मार्ग पर एम्बुलेंस और पुलिस की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।

पुलिस ने समझाइश देकर खुलवाया जाम, घायल अस्पताल पहुंचाया

घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने नाराज ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान घायल युवक को एम्बुलेंस की सहायता से अस्पताल भिजवाया गया।

ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा के इंतजाम किए जाने की मांग उठाई। पुलिस की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं कराने का आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने चक्काजाम समाप्त किया।

मनेरी औद्योगिक क्षेत्र के भारी वाहनों से बढ़ रहा खतरा

धनपुरी निवासी अमित शुक्ला ने बताया कि मनेरी औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण बरेला-मनेरी मार्ग पर ट्रकों और अन्य भारी वाहनों का लगातार आवागमन बना रहता है। इससे सड़क पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि भारी यातायात के बावजूद संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त बैरिकेड्स, स्टॉपर और अन्य सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने पुलिस और लोक निर्माण विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

दो से तीन दिनों में बैरिकेड्स लगाने का आश्वासन

ग्रामीणों के अनुसार पुलिस ने बरेला-मनेरी मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने और दो से तीन दिनों के भीतर बैरिकेड्स लगाने का आश्वासन दिया है। इसी आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त किया।

व्यवस्था नहीं सुधरी तो फिर आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों की मांग है कि दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर वहां प्रभावी यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की जाए।

ग्रामीणों ने विशेष रूप से भारी वाहनों की आवाजाही वाले स्थानों पर बैरिकेड्स और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग उठाई है।

हादसे के कारणों की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने दुर्घटना के संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बाइक और छोटा हाथी वाहन के बीच टक्कर किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

फिलहाल घायल युवक की विस्तृत पहचान और स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं आपातकालीन सेवाओं के पहुंचने में कथित देरी को लेकर भी प्रशासनिक पक्ष स्पष्ट होना बाकी है।

हादसे ने उठाए सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं पर सवाल

धनपुरी गांव में हुई दुर्घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश केवल हादसे तक सीमित नहीं रहा। समय पर सहायता मिलने और भारी यातायात वाले मार्ग पर सुरक्षा इंतजाम करने की मांग को लेकर लोगों ने सड़क जाम की। अब ग्रामीणों की नजर पुलिस द्वारा दिए गए बैरिकेड्स लगाने के आश्वासन पर टिकी है।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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