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Railway Employees: ट्रैक मेंटेनरों के लिए प्रमोशन का नया रास्ता, बनेगा Multi-Skilled Track Technician कैडर; 15-25% तक बढ़ेगी तकनीकी पदों की संख्या

रेलवे बोर्ड ने पी-वे के मौजूदा कारीगर संवर्गों को मिलाकर Multi-Skilled Track Technician (MSTT)/Technician (Track) का एकीकृत कैडर बनाने की व्यवस्था आगे बढ़ाई है। ट्रैक मेंटेनर कैडर की मौजूदा संख्या के अनुपात में तकनीकी कैडर को करीब 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रावधान है; वास्तविक प्रतिशत जोन/मंडल की जरूरत, ट्रैफिक घनत्व और कार्य परिस्थितियों के आधार पर तय हो सकता है। ग्रेड-III में 25% सीधी भर्ती, 50% विभागीय पदोन्नति और 25% LDCE का प्रस्तावित ढांचा है। इससे पात्र ट्रैक मेंटेनरों के लिए तकनीकी कैडर में पदोन्नति का अतिरिक्त रास्ता खुलेगा। Scribd

Railway Employees: ट्रैक मेंटेनरों के लिए प्रमोशन का नया रास्ता, बनेगा Multi-Skilled Track Technician कैडर; 15-25% तक बढ़ेगी तकनीकी पदों की संख्या

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे में पटरियों के रखरखाव से जुड़े कर्मचारियों के कैडर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। रेलवे ने पी-वे के मौजूदा कारीगर संवर्गों को मिलाकर Multi-Skilled Track Technician (MSTT)/Technician (Track) का एकीकृत तकनीकी कैडर तैयार करने की व्यवस्था की है। इससे पात्र ट्रैक मेंटेनरों के लिए तकनीकी पदों पर आगे बढ़ने का नया रास्ता खुलेगा।

व्यवस्था के तहत ट्रैक मेंटेनर कैडर की मौजूदा संख्या के अनुपात में 15 से 25 प्रतिशत तक Multi-Skilled Technician (Track) कैडर बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। हालांकि प्रत्येक मंडल में वास्तविक प्रतिशत वहां के ट्रैफिक घनत्व, काम की प्रकृति और स्थानीय आवश्यकता के आधार पर तय किया जा सकता है।

ट्रैक मेंटेनरों के लिए खुलेगा प्रमोशन का नया रास्ता
रेलवे के पी-वे विभाग में अलग-अलग कारीगर संवर्गों को मिलाकर एक Multi-Skilled Track Technician कैडर तैयार किया जाएगा। इसमें ट्रैक मेंटेनर और इंजीनियरिंग विभाग के पात्र कर्मचारियों के लिए विभागीय पदोन्नति के अवसर भी होंगे।

क्यों बनाया जा रहा नया MSTT कैडर?

रेलवे में पटरियों के रखरखाव का काम तेजी से तकनीक और मशीनों पर आधारित हो रहा है। छोटी ट्रैक मशीनों के इस्तेमाल से लेकर रेल वेल्डिंग, कटिंग, ड्रिलिंग और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता बढ़ रही है।

इसी जरूरत को देखते हुए पी-वे में मौजूद अलग-अलग कारीगर संवर्गों को एक साझा तकनीकी कैडर में लाने की योजना बनाई गई है। इससे कर्मचारियों को एक से अधिक तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण देकर उनकी सेवाओं का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।

लेवल-2 से लेवल-6 तक होंगे चार ग्रेड

नए Technician (Track) कैडर में कर्मचारियों के लिए चार प्रमुख ग्रेड निर्धारित किए गए हैं। इससे कर्मचारियों के लिए कैडर के भीतर क्रमिक पदोन्नति का रास्ता उपलब्ध होगा।

पद पे-लेवल
Technician (Track) Grade-III Level-2
Technician (Track) Grade-II Level-4
Technician (Track) Grade-I Level-5
Senior Technician (Track) Level-6

ग्रेड-III में कैसे भरे जाएंगे पद?

नए कैडर के एंट्री ग्रेड यानी Technician (Track) Grade-III में भर्ती और पदोन्नति के लिए तीन रास्ते रखे गए हैं। इसमें सीधी भर्ती के साथ विभाग में पहले से कार्यरत पात्र कर्मचारियों को भी अवसर मिलेगा।

25% — RRB से सीधी भर्ती
रेलवे भर्ती बोर्ड के माध्यम से खुले बाजार से सीधी भर्ती।
50% — विभागीय पदोन्नति
पात्र ट्रैक मेंटेनर और इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों के लिए विभागीय पदोन्नति का रास्ता।
25% — LDCE
सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से पद भरे जाएंगे।

15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ सकता है तकनीकी कैडर

रेलवे की व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू Technician (Track) कैडर की संख्या बढ़ाना है। ट्रैक मेंटेनर कैडर की मौजूदा संख्या के मुकाबले लगभग 15 से 25 प्रतिशत तक Multi-Skilled Technician (Track) कैडर रखने का प्रावधान किया गया है।

यह प्रतिशत हर मंडल में एक जैसा होना जरूरी नहीं होगा। ट्रेनों का परिचालन घनत्व, पटरियों की स्थिति, कार्यभार, मशीनों के इस्तेमाल और स्थानीय कार्य परिस्थितियों के आधार पर संबंधित जोन वास्तविक आवश्यकता तय कर सकेंगे।

नए पदों को लेकर महत्वपूर्ण बात
कैडर बढ़ाने की प्रक्रिया में इंजीनियरिंग विभाग के उपलब्ध अथवा चिन्हित पदों और ट्रैक मेंटेनर के विभिन्न पे-लेवल के पदों का वित्तीय मूल्य के अनुरूप पुनर्वितरण या पुनर्नामकरण भी किया जा सकता है। इसलिए इसे हर स्थिति में उतनी ही संख्या में पूरी तरह नए अतिरिक्त स्वीकृत पद जोड़ने के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए।

मौजूदा कारीगर कर्मचारी भी नए कैडर में होंगे समायोजित

पी-वे में वर्तमान में कार्यरत विभिन्न कारीगर संवर्गों के पदों और कर्मचारियों को नए Technician (Track) कैडर में समायोजित किया जाएगा। अलग-अलग संवर्गों से आने वाले कर्मचारियों की आपसी वरिष्ठता निर्धारित नियमों के आधार पर तय की जाएगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग छोटे तकनीकी संवर्गों को एक साझा कैडर में लाकर कर्मचारियों के कौशल का अधिक प्रभावी उपयोग करना और उनके लिए बेहतर कैरियर प्रोग्रेशन उपलब्ध कराना है।

वेल्डिंग से लेकर ट्रैक मशीन तक की मिलेगी ट्रेनिंग

नए कैडर में शामिल होने वाले कर्मचारियों को मल्टी-स्किल बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें रेल वेल्डिंग, रेल कटिंग, रेल ड्रिलिंग, छोटी ट्रैक मशीनों का संचालन, कार्यस्थल सुरक्षा और रेलपथ की तकनीकी देखभाल जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हो सकते हैं।

इससे एक ही तकनीकी कर्मचारी को आवश्यक प्रशिक्षण और प्रमाणन के बाद ट्रैक मेंटेनेंस से जुड़े विभिन्न प्रकार के कार्यों में लगाया जा सकेगा।

ट्रैक मेंटेनरों को क्या फायदा?

नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण असर पात्र ट्रैक मेंटेनरों के कैरियर पर पड़ सकता है। अभी ट्रैक मेंटेनर संवर्ग में काम कर रहे योग्य कर्मचारियों को विभागीय पदोन्नति और LDCE के माध्यम से Technician (Track) Grade-III में आने का अवसर मिलेगा।

इसके बाद Grade-II, Grade-I और Senior Technician तक पदोन्नति का कैडर रास्ता उपलब्ध होगा। पात्रता, वरिष्ठता, शैक्षणिक योग्यता, विभागीय परीक्षा और अन्य सेवा शर्तें रेलवे के लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होंगी।

रेलवे ट्रैक मेंटेनेंस में बड़ा कैडर बदलाव
Multi-Skilled Track Technician व्यवस्था का उद्देश्य तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने, आधुनिक ट्रैक मशीनों का बेहतर उपयोग करने और पात्र ट्रैक मेंटेनरों के लिए पदोन्नति के नए अवसर तैयार करने के साथ रेलपथ रखरखाव को अधिक तकनीक आधारित बनाना है।
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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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