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दुकानों में बिक रहे थे बिना मंजूरी पाकिस्तानी कॉस्मेटिक्स, ₹7 लाख का माल जब्त; मुंबई तक पहुंची सप्लाई चेन की जांच

हैदराबाद पुलिस की कमिश्नर टास्क फोर्स और CDSCO ने 30 सितंबर को संयुक्त कार्रवाई कर करीब 7 लाख रुपये के पाकिस्तान में निर्मित कॉस्मेटिक उत्पाद जब्त किए। पुलिस के मुताबिक इन उत्पादों के भारत में आयात के लिए आवश्यक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं थे। पांच लोगों के खिलाफ दो मामले दर्ज किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामान की सप्लाई मुंबई स्थित एक डीलर के जरिए होने की बात सामने आई है। CDSCO की 8 सितंबर की सार्वजनिक सूचना में इस श्रेणी के कुछ अनधिकृत उत्पादों में अनुमत सीमा से अधिक भारी धातुओं को लेकर भी चेतावनी दी गई थी।

दुकानों में बिक रहे थे बिना मंजूरी पाकिस्तानी कॉस्मेटिक्स, ₹7 लाख का माल जब्त; मुंबई तक पहुंची सप्लाई चेन की जांच

हैदराबाद। हैदराबाद में बिना आवश्यक अनुमति और रजिस्ट्रेशन के बेचे जा रहे पाकिस्तान में निर्मित कॉस्मेटिक उत्पादों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। हैदराबाद पुलिस की कमिश्नर टास्क फोर्स और सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) की संयुक्त टीम ने दुकानों पर छापेमारी कर करीब 7 लाख रुपये कीमत के कॉस्मेटिक उत्पाद जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार जब्त सामान में मुख्य रूप से त्वचा को गोरा करने के दावे के साथ बेची जा रही स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम, ब्यूटी क्रीम और साबुन शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन उत्पादों के भारत में आयात के लिए आवश्यक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं थे। मामले में पांच लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं।

₹7 लाख के कॉस्मेटिक्स जब्त, पांच लोगों पर केस
पुलिस और CDSCO की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान में निर्मित बताए गए कॉस्मेटिक उत्पादों का बड़ा स्टॉक मिला। अधिकारियों के अनुसार ये उत्पाद आवश्यक भारतीय आयात अनुमति और रजिस्ट्रेशन के बिना बेचे जा रहे थे।

30 सितंबर को दुकानों पर अचानक छापेमारी

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई 30 सितंबर को की गई। टीम को सूचना मिली थी कि हैदराबाद में कुछ दुकानों के जरिए पाकिस्तान में निर्मित अनधिकृत कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री और वितरण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टास्क फोर्स ने CDSCO अधिकारियों के साथ मिलकर दुकानों की जांच की।

जांच के दौरान बड़ी मात्रा में स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम और साबुन सहित दूसरे कॉस्मेटिक उत्पाद मिले। अधिकारियों के अनुसार इन उत्पादों के पास भारत में आयात के लिए जरूरी Registration Certificate नहीं था। इसके बाद संबंधित स्टॉक को जब्त कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

तीन दुकानों पर हुई कार्रवाई

संयुक्त टीम ने हैदराबाद के हबीब नगर और नांपल्ली क्षेत्र में स्थित दुकानों की जांच की। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई के दायरे में ब्यूटी लेडीज एम्पोरियम, ब्यूटी क्वीन शॉप और एसजे मेडिकल शॉप शामिल थीं।

दुकानों में मिले उत्पादों की जांच CDSCO अधिकारियों ने की। इसके बाद ऐसे उत्पादों को चिह्नित किया गया, जिन्हें आवश्यक अनुमति और रजिस्ट्रेशन के अभाव में भारत में आयात और बिक्री के लिए अधिकृत नहीं पाया गया।

कई ब्रांड के उत्पाद मिले
अधिकारियों के मुताबिक जब्त सामान में गोरी, चांदनी, फैज, नविया, गोल्डन पर्ल, सदफ, फेस फ्रेश और नूर गोल्ड सहित कई ब्रांड की स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम और अन्य कॉस्मेटिक उत्पाद शामिल थे। इन उत्पादों के निर्माण और आयात से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

CDSCO की 8 सितंबर की सार्वजनिक सूचना भी जांच का आधार

पुलिस के अनुसार CDSCO अधिकारियों ने जांच के दौरान बताया कि बरामद किए गए कई उत्पाद 8 सितंबर 2026 को जारी CDSCO/DCGI की सार्वजनिक सूचना में चिह्नित अनधिकृत या प्रतिबंधित कॉस्मेटिक उत्पादों की श्रेणी से जुड़े थे।

अधिकारियों का कहना है कि संबंधित उत्पादों को भारत में आयात करने के लिए सक्षम प्राधिकरण से आवश्यक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया था। इसी आधार पर उनकी बिक्री और सप्लाई से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

कुछ उत्पादों में भारी धातुओं को लेकर भी चेतावनी

पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार CDSCO की सार्वजनिक सूचना में इस श्रेणी के कुछ कॉस्मेटिक उत्पादों में अनुमत सीमा से अधिक भारी धातुओं की मौजूदगी को लेकर भी चिंता जताई गई थी। ऐसे तत्व निर्धारित सीमा से अधिक होने पर स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।

हालांकि जब्त किए गए प्रत्येक उत्पाद में हानिकारक तत्व पाए जाने का निष्कर्ष बिना प्रयोगशाला जांच के नहीं निकाला जाना चाहिए। वर्तमान कार्रवाई का प्रमुख आधार उत्पादों के आयात और बिक्री से संबंधित आवश्यक अनुमति तथा रजिस्ट्रेशन का अभाव बताया गया है।

मुंबई से जुड़ रहे सप्लाई नेटवर्क के तार

मामले की प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार मुंबई के एक डीलर या सप्लायर से जुड़ने की बात सामने आई है। पुलिस को संदेह है कि यही सप्लायर विदेश से उत्पादों की व्यवस्था कर उन्हें हैदराबाद के स्थानीय विक्रेताओं तक पहुंचा रहा था।

जांच में यह भी सामने आया कि स्थानीय विक्रेताओं के पास इन पाकिस्तान-मूल के उत्पादों की खरीद से संबंधित पर्याप्त बिल, इनवॉइस और दूसरे सहायक दस्तावेज नहीं थे। अब पुलिस सामान के स्रोत से लेकर उसके हैदराबाद पहुंचने तक की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।

जांच के केंद्र में ये सवाल
पाकिस्तान में बने उत्पाद भारत तक किस रास्ते से पहुंचे?
मुंबई स्थित सप्लायर की इस नेटवर्क में क्या भूमिका है?
हैदराबाद में किन-किन दुकानों तक इनकी सप्लाई हुई?
सामान की खरीद और परिवहन के बिल तथा इनवॉइस कहां हैं?
क्या नेटवर्क में और डीलर तथा सप्लायर भी शामिल हैं?

पांच लोगों के खिलाफ दो मामले दर्ज

पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद पांच लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस अब जब्त किए गए सामान, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, परिवहन से संबंधित दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। साथ ही मुंबई स्थित कथित सप्लायर की पहचान और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

इंपोर्ट नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगाल रही जांच टीम

जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अब यह पता लगाना है कि पाकिस्तान में निर्मित बताए जा रहे ये उत्पाद भारत में किस रास्ते और किस माध्यम से पहुंचे। अधिकारियों की टीम स्रोत, आयात के तरीके, ट्रांसपोर्टेशन और वितरण नेटवर्क से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक सप्लाई चेन में शामिल अन्य लोगों और संभावित विक्रेताओं की पहचान भी की जा रही है। जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

कार्रवाई एक नजर में
तारीख — 30 सितंबर 2026
कार्रवाई — हैदराबाद पुलिस टास्क फोर्स और CDSCO की संयुक्त रेड
जब्ती — करीब 7 लाख रुपये के कॉस्मेटिक उत्पाद
सामान — स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम, साबुन और अन्य ब्यूटी प्रोडक्ट्स
कानूनी कार्रवाई — पांच लोगों के खिलाफ दो मामले
जांच — मुंबई के कथित सप्लायर और आयात-सप्लाई नेटवर्क की तलाश

अधिकारियों का कहना है कि बिना आवश्यक अनुमति और रजिस्ट्रेशन वाले कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री तथा सप्लाई के खिलाफ जांच जारी रहेगी। फिलहाल दर्ज मामलों में आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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