अहमदाबाद। गुजरात के नडियाद रेलवे स्टेशन से करीब 4 करोड़ रुपये के सोने की लूट के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से 2 किलो 900 ग्राम सोना बरामद किया गया है। लूट में इस्तेमाल की गई दो गाड़ियां भी जब्त की गई हैं।
मामले में सबसे अहम सुराग खुद पीड़ित ने दिया। आरोपियों के भागते समय उसने उनका पीछा किया और उनकी गाड़ी की तस्वीर खींच ली। इसी तस्वीर, CCTV फुटेज, वाहन संबंधी जानकारी और तकनीकी जांच के सहारे पुलिस विरमगाम तक पहुंची।
कोलकाता से सोना लेकर नडियाद पहुंचा था कर्मचारी
पुलिस के अनुसार ज्वेलर का एक कर्मचारी कोलकाता से सोना लेकर शनिवार शाम नडियाद रेलवे स्टेशन पहुंचा था। शाम करीब 5 बजे कथित तौर पर एक गिरोह ने उससे कीमती सोना छीन लिया और वाहन से फरार हो गया।
वारदात के बाद पीड़ित ने आरोपियों का पीछा किया। इसी दौरान वह भागने में इस्तेमाल की गई गाड़ी की तस्वीर लेने में कामयाब रहा। यह तस्वीर आगे की जांच में पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग बनी।
CCTV खंगाले, पूरे गुजरात में भेजा गया अलर्ट
खेड़ा GRP ने सूचना मिलते ही रेलवे स्टेशन और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज की जांच शुरू की। संदिग्ध वाहन और उसमें सवार लोगों की जानकारी मिलने के बाद राज्य कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजा गया।
शाम करीब 7.30 बजे अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस को सूचना मिली। इसके बाद वाहन के रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी और मोबाइल फोन के Subscriber Detail Record यानी SDR के आधार पर संभावित भागने के रास्तों की पड़ताल की गई। जांच में संदिग्धों के बनासकांठा की ओर बढ़ने के संकेत मिलने की बात कही गई।
आरोपियों की गाड़ी की तस्वीर मिलने के बाद पुलिस ने CCTV और तकनीकी जानकारी को जोड़कर संदिग्धों का संभावित रूट तैयार किया। स्थानीय मुखबिर नेटवर्क की मदद से पुलिस विरमगाम के आसपास उनके करीब पहुंच गई।
विरमगाम के पास मिली संदिग्ध कार
स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ने अहमदाबाद जिले के विरमगाम के पास संदिग्ध कार का पता लगाया। पुलिस के मुताबिक इस कार के पीछे बिना नंबर प्लेट वाली एक दूसरी गाड़ी भी चल रही थी।
लोकल क्राइम ब्रांच और विरमगाम टाउन पुलिस की टीमों ने रास्ता रोकने की योजना बनाई। ट्रक और अन्य वाहनों की मदद से नाकाबंदी कर बिना नंबर वाली गाड़ी को रोका गया और उसमें मौजूद एक संदिग्ध को पकड़ लिया गया।
पुलिस पूछताछ में जानकारी मिली कि उसके तीन साथी लूटा गया सोना लेकर दूसरी कार से आगे निकल चुके हैं। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी।
भागने के लिए पुलिस की गाड़ी में मारी टक्कर
पुलिस इंस्पेक्टर एस.ए. गढ़वी और परेश जानी के नेतृत्व में टीम ने संदिग्ध कार को घेरने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार खुद को घिरता देखकर कार सवारों ने भागने का प्रयास किया और उनकी गाड़ी इंस्पेक्टर गढ़वी के पुलिस वाहन से टकरा गई।
इसके बाद संदिग्धों ने कार को पीछे की ओर भगाने की कोशिश की। इसी दौरान इंस्पेक्टर गढ़वी ने चलती कार का दरवाजा पकड़ लिया।
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक इंस्पेक्टर एस.ए. गढ़वी चलती कार का दरवाजा पकड़े करीब 500 मीटर तक घिसटते रहे। इसके बावजूद उन्होंने दरवाजा नहीं छोड़ा और आखिरकार कार के अंदर पहुंचकर हैंडब्रेक खींच दिया।
हैंडब्रेक खींचते ही थमी कार, पुलिस ने दबोचा
हैंडब्रेक खींचे जाने के बाद कार रुक गई और पीछे आ रही पुलिस टीम ने तत्काल उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। कार में मौजूद संदिग्धों को पकड़ लिया गया।
इसी दौरान एक अन्य संदिग्ध पास के खेतों की ओर भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर उसे भी हिरासत में ले लिया। इस तरह मामले में कुल चार लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है।
सीट कवर के अंदर छिपा था 2.9 किलो सोना
कार की तलाशी लेने पर पुलिस को सीट कवर के अंदर छिपाकर रखा गया सोना मिला। बरामद सोने का वजन करीब 2.90 किलोग्राम और अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस का दावा है कि लूटा गया पूरा माल बरामद कर लिया गया है। इसके अलावा वारदात में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है।
वारदात — नडियाद रेलवे स्टेशन, खेड़ा
लूटा गया सोना — करीब 2.90 किलो
अनुमानित कीमत — करीब ₹4 करोड़
गिरफ्तार — 4 संदिग्ध
बरामदगी — पुलिस के मुताबिक पूरा सोना
जब्त वाहन — 2
कार्रवाई — अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस और GRP का संयुक्त ऑपरेशन
पुलिस और GRP की संयुक्त कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन में अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस की LCB, विरमगाम टाउन पुलिस और रेलवे पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। वाहन की तस्वीर, CCTV फुटेज, तकनीकी जानकारी और स्थानीय मुखबिर नेटवर्क को जोड़ते हुए पुलिस संदिग्धों तक पहुंची।
गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस और वेस्टर्न रेलवे GRP की टीमों को कुछ ही घंटों में लूटा गया पूरा माल बरामद करने पर बधाई दी है।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात की योजना कैसे बनाई गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।



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