नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में एक आवासीय इमारत के अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। बुधवार, 7 अक्टूबर की दोपहर ईदगाह मछली मंडी के पास स्थित इमारत देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गई। गुरुवार सुबह बचाव दलों ने मलबे से एक और शव बरामद किया, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। हादसे में आठ लोग घायल हुए हैं, जबकि राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
बुधवार रात तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। इनमें चार महीने की गर्भवती 21 वर्षीय गुलअफशां, करीब 12 साल की एक किशोरी और एक अन्य बच्चा शामिल थे। गुरुवार सुबह मलबे से चौथा शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़ गई। हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
आठ घायल अस्पताल में भर्ती, तीन साल का बच्चा भी शामिल
राहत दलों ने बुधवार रात तक मलबे से 11 लोगों को बाहर निकाला था। इनमें आठ घायलों को ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की पहचान मोमिन मिर्जा (56), अब्दान (3), अब्दुल रहमान (28), देवरुद्दीन (28), सलमा (50), छोटे (34), सकीना (35) और समद (30) के रूप में बताई गई है।
घायलों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आने की जानकारी सामने आई है। चिकित्सक उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
दोपहर में अचानक ढही इमारत, इलाके में मची अफरातफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुधवार दोपहर करीब सवा तीन से साढ़े तीन बजे के बीच इमारत अचानक गिर गई। जोरदार आवाज के साथ धूल का गुबार उठने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं।
दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ, एमसीडी और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों ने संयुक्त रूप से राहत अभियान चलाया। मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की सहायता ली जा रही है। बचाव दल यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि इमारत के अवशेषों के नीचे कोई अन्य व्यक्ति फंसा न रह जाए।
भूकंप के बाद दरारें आने का दावा, पास में चल रही थी तोड़फोड़
स्थानीय निवासियों के अनुसार हादसे से एक दिन पहले आए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में दरारें दिखाई दी थीं। लोगों का यह भी दावा है कि इमारत से सटे एक हिस्से में तोड़फोड़ का काम चल रहा था, जिससे उसके ढांचे पर असर पड़ा हो सकता है। हालांकि इमारत गिरने का वास्तविक कारण अभी आधिकारिक जांच से स्पष्ट होना बाकी है।
पुरानी इमारत पर अतिरिक्त निर्माण के भी सवाल
नगर निगम से जुड़ी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इमारत लगभग 20 से 25 वर्ष पुरानी बताई गई है। यह डूसिब के अधिकार क्षेत्र वाले इलाके में करीब 22 से 25 वर्ग गज के भूखंड पर बनी थी। स्थानीय लोगों ने इमारत पर बाद में अतिरिक्त मंजिलें बनाए जाने की बात कही है। इन दावों और निर्माण की वैधता की जांच आवश्यक मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक दरारें दिखाई देने के बाद इमारत खाली कराने की तैयारी की जा रही थी। लेकिन लोगों के सुरक्षित स्थान पर पहुंचने से पहले ही इमारत ढह गई। हादसे में आसपास के कुछ निर्माणों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
अब जांच के घेरे में निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था
इस दुर्घटना के बाद पुराने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि इमारत की वास्तविक स्थिति क्या थी, अतिरिक्त निर्माण की अनुमति थी या नहीं और आसपास चल रही तोड़फोड़ से उसकी नींव प्रभावित हुई थी या नहीं।
न्यू सीमापुरी की यह दुर्घटना भवन सुरक्षा और पुराने निर्माणों की नियमित जांच की आवश्यकता को फिर सामने लाई है। राहत दल मलबे में तलाश जारी रखे हुए हैं। हादसे की वास्तविक वजह और संभावित जिम्मेदारी का निर्धारण विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।



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