कोल्लम। ग्रामीण महिलाओं को कारोबार और बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने केरल से ‘SHE-Mart’ पहल की शुरुआत की है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कोल्लम के कुंडरा में आयोजित कार्यक्रम में इस पहल के साथ सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी कई अन्य योजनाओं का शुभारंभ किया।
SHE-Mart का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं और ग्रामीण उद्योगों के उद्यमियों को उनके उत्पाद बेचने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। इसके जरिए महिला उद्यमियों को सीधे ग्राहकों तक पहुंच बनाने के अवसर देने पर जोर दिया गया है।
SHE-Mart की परिकल्पना ग्रामीण महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़ाकर अपना उद्यम विकसित करने और उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में की गई है।
क्या है SHE-Mart और महिलाओं को कैसे मिलेगा फायदा?
SHE-Mart यानी Self-Help Entrepreneur Mart को महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों के उत्पादों के लिए समर्पित बाजार मंच के रूप में विकसित किया जाना है। यहां ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
इस पहल का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय बाजार, बिक्री और उद्यम संचालन से जोड़ना है। इससे SHG से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए अधिक संगठित बाजार उपलब्ध होने की उम्मीद है।
SHG महिला → उद्यमी → सीधे बाजार तक पहुंच
ग्रामीण और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बिक्री मंच
2,500 से अधिक NCCF आउटलेट्स, 300 से ज्यादा SHE-Mart
कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि NCCF के 2,500 से अधिक रिटेल आउटलेट्स के जरिए भारतीय ब्रांड और स्थानीय उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 300 से अधिक SHE-Mart स्टोर के माध्यम से महिला SHG और ग्रामीण उद्यमियों के उत्पादों को बाजार से जोड़ने की योजना है।
● 2,500+ NCCF रिटेल आउटलेट्स
● 300+ SHE-Mart स्टोर
● राज्य: केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक
● फोकस: महिला SHG, ग्रामीण उद्यमी और स्थानीय उत्पाद
केंद्रीय बजट 2026-27 में हुई थी SHE-Mart की घोषणा
SHE-Mart की परिकल्पना केंद्रीय बजट 2026-27 में सामने रखी गई थी। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों के लिए समुदाय आधारित रिटेल आउटलेट विकसित करना और उन्हें बाजार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत महिला उद्यमिता को बढ़ावा देते हुए महिलाओं को उत्पादन, बिक्री और कारोबार प्रबंधन से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
सस्ते प्याज, भारत आटा और भारत चावल की मोबाइल वैन भी शुरू
कार्यक्रम के दौरान NCCF और NAFED की मोबाइल वैन के जरिए केरल में उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर प्याज, भारत आटा और भारत चावल उपलब्ध कराने की पहल भी शुरू की गई।
इसके अलावा NAFED Welfare Scholarship Scheme के तहत दो किसान परिवारों की बेटियों को छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने की जानकारी भी कार्यक्रम में दी गई।
SHE-Mart के साथ NCCF-NAFED मोबाइल वैन के जरिए आवश्यक खाद्य वस्तुओं की बिक्री और किसान परिवारों की बेटियों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी पहल भी कार्यक्रम का हिस्सा रही।
केरल में 23 हजार से ज्यादा सहकारी संस्थाएं: शाह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने केरल के पुराने सहकारिता आंदोलन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में 23 हजार से अधिक सहकारी संस्थाएं काम कर रही हैं और त्रावणकोर, कोचीन तथा मालाबार क्षेत्रों में आजादी से पहले से संगठित सहकारी गतिविधियों का इतिहास रहा है।
उन्होंने केरल को केंद्र की सहकारिता योजनाओं का अधिक लाभ लेने का आग्रह करते हुए डेयरी, बीज और जैविक कृषि के क्षेत्रों में सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की बात कही।
महिला उद्यमिता के लिए बाजार तक पहुंच सबसे अहम
SHE-Mart पहल का केंद्र महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराना है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई महिलाएं कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों से जुड़ी हैं। ऐसे उत्पादों को संगठित रिटेल नेटवर्क से जोड़कर उनकी बाजार तक पहुंच बढ़ाने की योजना है।
महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे बाजार और उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए एक संगठित मंच उपलब्ध कराना।



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