अपराध

हनुमानताल फायरिंग में राजा सोनकर गिरफ्तार, पुलिस का दावा....ऑटोमेटिक हथियार से हुआ था बर्स्ट फायर; सप्लायर की तलाश

जबलपुर के हनुमानताल थाना क्षेत्र में हुई गोलीबारी में करण की मौत और अंकित के घायल होने के मामले में पुलिस ने राजा सोनकर को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। पुलिस के अनुसार शुरुआती पूछताछ में अलग-अलग बयान सामने आए थे और पहले प्रिंस सोनकर का नाम बताया गया था, लेकिन आगे की जांच में गोली चलाने के आरोप में राजा सोनकर की भूमिका सामने आई। पुलिस का दावा है कि वारदात में ऑटोमेटिक हथियार से बर्स्ट फायर किया गया था। अब हथियार के मालवा-निमाड़ क्षेत्र से जबलपुर पहुंचने, उसके सप्लायर और संभावित अवैध हथियार नेटवर्क की जांच की जा रही है।

हनुमानताल फायरिंग में राजा सोनकर गिरफ्तार, पुलिस का दावा....ऑटोमेटिक हथियार से हुआ था बर्स्ट फायर; सप्लायर की तलाश

जबलपुर। हनुमानताल थाना क्षेत्र में दो दिन पहले हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस ने सोमवार को राजा सोनकर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक फायरिंग में करण की मौत हुई थी, जबकि अंकित के पैर में गोली लगने से वह घायल हुआ था। आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर हथियार के स्रोत और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पूछताछ की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि घटना के बाद पूछताछ के दौरान अलग-अलग जानकारियां सामने आने के कारण जांच की दिशा उलझाने की कोशिश हुई। शुरुआत में प्रिंस सोनकर का नाम सामने आया था, लेकिन विस्तृत पूछताछ और जांच के बाद गोली चलाने के आरोप में राजा सोनकर की भूमिका सामने आने का दावा पुलिस ने किया है।

 फायरिंग केस में बड़ा खुलासा
पुलिस का दावा है कि वारदात में ऑटोमेटिक हथियार का इस्तेमाल हुआ और बर्स्ट फायर में एक साथ कई गोलियां चलीं। अब पुलिस हथियार जबलपुर तक पहुंचाने वाले नेटवर्क की कड़ी तलाश रही है।

पहले आया प्रिंस का नाम, जांच राजा सोनकर तक पहुंची

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़ के मुताबिक घटना के बाद पुलिस को अलग-अलग जानकारियां दी जा रही थीं। प्रारंभिक स्तर पर प्रिंस सोनकर का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने संबंधित लोगों से गहन पूछताछ की और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर गोली चलाने के आरोप में राजा सोनकर की भूमिका सामने आई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। अब उससे घटना से पहले और बाद की गतिविधियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

ऑटोमेटिक हथियार से बर्स्ट फायर का दावा

पुलिस के अनुसार वारदात में कथित तौर पर ऑटोमेटिक हथियार का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह बात सामने आने का दावा किया गया है कि बर्स्ट फायर के कारण एक साथ कई गोलियां चली थीं। घटनास्थल से पुलिस ने कई खोखे जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक फायरिंग में कम से कम तीन गोलियां लोगों को लगीं। कुल कितने राउंड फायर किए गए और हथियार की सटीक प्रकृति क्या थी, इसे लेकर भी जांच जारी है।

 पुलिस किन बिंदुओं की कर रही जांच?

▪️ फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां से आया?
▪️ हथियार किस व्यक्ति ने उपलब्ध कराया?
▪️ खरीद के लिए रकम किसने दी?
▪️ क्या आरोपी के पास अन्य अवैध हथियार भी हैं?
▪️ घटना के पीछे गैंग विवाद की क्या भूमिका थी?
▪️ पुलिस को गुमराह करने या सबूत मिटाने में कौन शामिल था?

मालवा-निमाड़ से हथियार आने की जानकारी

एएसपी आयुष जाखड़ के अनुसार प्रारंभिक जांच में वारदात में इस्तेमाल हथियार के मालवा-निमाड़ क्षेत्र से आने की जानकारी मिली है। पुलिस अब उस व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिसने कथित रूप से यह हथियार उपलब्ध कराया था।

जांच का दायरा केवल एक हथियार तक सीमित नहीं रखा गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं इसके पीछे अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाला नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है और आरोपी का उससे कोई संबंध था या नहीं।

अवैध हथियार कारोबार से कनेक्शन की भी पड़ताल

पुलिस के मुताबिक राजा सोनकर का नाम पूर्व में एनडीपीएस से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। वर्तमान जांच में पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसका अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री या सप्लाई से कोई संबंध था या नहीं।

इसके लिए हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति, आर्थिक लेन-देन और संभावित संरक्षण जैसे पहलुओं की भी जांच किए जाने की बात पुलिस ने कही है। हालांकि इन बिंदुओं पर जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

गैंग विवाद की बात, आरोपी ने बताया आत्मरक्षा के लिए रखा था हथियार

पूछताछ में संबंधित लोगों के बीच गैंग को लेकर विवाद होने की जानकारी मिलने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार राजा सोनकर ने हथियार रखने के पीछे आत्मरक्षा का कारण बताया है। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्मरक्षा का दावा अपने आप में बिना वैध अनुमति के प्रतिबंधित अथवा अवैध हथियार रखने को कानूनी नहीं बनाता। हथियार की प्रकृति, उसका स्रोत और उसे रखने की परिस्थितियां जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

पुलिस को गुमराह किया तो उन पर भी होगी कार्रवाई

एएसपी के मुताबिक जांच के दौरान यदि यह सामने आता है कि घटना के बाद किसी व्यक्ति ने जानबूझकर पुलिस को गलत जानकारी दी, साक्ष्य छिपाए या सबूत मिटाने का प्रयास किया, तो उसकी भूमिका की भी जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस प्रिंस सोनकर से जुड़े पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और पूरे घटनाक्रम में उसकी भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि फायरिंग के समय और उसके बाद कौन-कौन लोग घटनाक्रम से जुड़े थे।

अब जांच की सबसे अहम कड़ी—हथियार का सप्लायर
राजा सोनकर फिलहाल पुलिस रिमांड पर है। पुलिस उससे हथियार के स्रोत, कथित सप्लायर, संभावित अवैध हथियार नेटवर्क और घटना से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है। जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

नोट: राजा सोनकर तथा अन्य व्यक्तियों से संबंधित आरोप और कथित भूमिकाएं पुलिस जांच पर आधारित हैं। मामले में आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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