जबलपुर। चोरों को सोना-चांदी, नकदी, वाहन और मोबाइल चुराते तो अक्सर सुना जाता है, लेकिन जबलपुर में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा करने का दावा किया है, जिसने कथित तौर पर लाखों रुपये की सिगरेट को ही निशाना बना लिया। बेलबाग थाना पुलिस ने दरहाई क्षेत्र की पान मसाला दुकान से करीब 15 लाख रुपये कीमत की सिगरेट चोरी के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से फिलहाल करीब 80 से 85 हजार रुपये कीमत की सिगरेट बरामद की गई है। पुलिस शेष चोरी गए माल के संबंध में आरोपियों से पूछताछ और जांच कर रही है।
दरहाई की पान मसाला दुकान को बनाया था निशाना
बेलबाग थाना क्षेत्र का दरहाई इलाका पान मसाला और इससे जुड़े थोक कारोबार के लिए जाना जाता है। पुलिस के अनुसार 5 और 6 जुलाई 2026 की दरमियानी रात दरहाई निवासी सौरभ जैन की गली में स्थित पान मसाला दुकान में चोरी की वारदात हुई थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक चोर दुकान से बड़ी मात्रा में सिगरेट लेकर फरार हो गए थे। दुकान संचालक की ओर से चोरी गई सिगरेट की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई थी। शिकायत मिलने के बाद बेलबाग पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
CCTV और तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। संदिग्ध गतिविधियों और संभावित आवाजाही से जुड़े फुटेज की जांच के साथ तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनातंत्र की भी मदद ली गई।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कुछ संदिग्धों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद अलग-अलग स्तर पर जानकारी जुटाते हुए पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में उन्हें मामले में गिरफ्तार किया गया।
80 से 85 हजार रुपये की सिगरेट बरामद
पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और कार्रवाई के दौरान करीब 80 से 85 हजार रुपये कीमत की सिगरेट बरामद की गई है। चोरी गए माल की कुल कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई थी, इसलिए पुलिस अब शेष माल के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी के बाद सिगरेट कहां-कहां बेची गई और क्या इसे बाजार में खपाने में अन्य लोगों ने आरोपियों की मदद की थी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्यों सिगरेट को बनाया निशाना? पूछताछ में बताई वजह
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सिगरेट की कीमत अधिक होने के बावजूद इसे छोटे आकार में बड़ी कीमत के माल के रूप में आसानी से ले जाया जा सकता है। साथ ही पान दुकानों और दूसरे माध्यमों से इसे बाजार में खपाना अपेक्षाकृत आसान समझा गया।
पुलिस का कहना है कि इसी वजह से आरोपियों ने सिगरेट के बड़े स्टॉक वाली दुकान को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। हालांकि आरोपियों से जुड़े इन कथित खुलासों की पुष्टि मामले में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
दुकान से चोरी गए माल की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई थी, जबकि पुलिस ने अभी करीब 80 से 85 हजार रुपये की सिगरेट बरामद करने का दावा किया है। शेष माल के संबंध में जांच जारी है।
पूछताछ में दूसरी वारदातों के भी मिले सुराग
पुलिस के अनुसार आरोपियों से पूछताछ के दौरान जबलपुर के दूसरे थाना क्षेत्रों में हुई कुछ वारदातों के संबंध में भी जानकारी सामने आई है। इनमें मदनमहल थाना क्षेत्र की एक चाकूबाजी की घटना और गढ़ा थाना क्षेत्र में सिगरेट चोरी से जुड़ा एक अन्य मामला शामिल बताया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि शुभम परमार और सर्जन जाट की मदनमहल क्षेत्र की एक पुरानी वारदात में कथित भूमिका से जुड़ी जानकारी भी मिली है। इसी तरह गढ़ा क्षेत्र में हुई सिगरेट चोरी के मामले में आरोपियों की संभावित भूमिका की जांच की जा रही है।
इन मामलों में आरोपियों की वास्तविक भूमिका संबंधित मामलों की जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और पुलिस की आगे की कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगी।
पुलिस अब नेटवर्क और चोरी का माल खरीदने वालों की तलाश में
इस कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच अब इस बात पर भी केंद्रित है कि चोरी की गई लाखों रुपये की सिगरेट आखिर कहां गई। यदि चोरी का माल बाजार में बेचा गया है तो उसे खरीदने या आगे बेचने वालों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि गिरोह ने इससे पहले इसी तरह की और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।



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