3 साल बाद भी अधूरी 3 करोड़ की सड़क! डिंडौरी-मंडला के ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश
डिंडौरी। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में विकास कार्यों की रफ्तार एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मंडला जिले के खीसी गांव को डिंडौरी जिले के कुशेरा गांव से जोड़ने वाली लगभग 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य तीन साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। करीब 3.20 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह सड़क दोनों जिलों के हजारों ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है, लेकिन निर्माण की धीमी गति लोगों की परेशानी और नाराजगी का कारण बन गई है।
तीन साल बाद भी अधूरी सड़क, करोड़ों की परियोजना पर सवाल
खीसी से कुशेरा तक बनने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण तीन वर्ष पहले शुरू किया गया था। परियोजना का क्रियान्वयन रूरल इंजीनियरिंग सर्विस (डिवीजन नंबर-2) मंडला द्वारा किया जा रहा है। शुरुआती दौर में कार्य तेजी से चला, लेकिन बाद में इसकी रफ्तार थम गई। वर्तमान स्थिति में कई हिस्सों में केवल मिट्टी भराई और आधारभूत कार्य ही नजर आते हैं, जबकि डामरीकरण सहित कई महत्वपूर्ण चरण अब भी अधूरे पड़े हैं।
ऊबड़-खाबड़ रास्तों से परेशान ग्रामीण
मेहदवानी जनपद पंचायत के अध्यक्ष रामप्रसाद टेकाम का कहना है कि यह सड़क मंडला और डिंडौरी जिलों के ग्रामीण अंचलों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। सड़क निर्माण पूरा होने से किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों और आम नागरिकों को आवागमन में बड़ी राहत मिलती, लेकिन अधूरे निर्माण के कारण लोग आज भी कच्चे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर सफर करने को मजबूर हैं।
बारिश में बढ़ जाती है मुसीबत
ग्रामीणों के अनुसार बारिश के मौसम में यह सड़क कीचड़ और जलभराव का केंद्र बन जाती है। दोपहिया वाहन अक्सर फंस जाते हैं और पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूल जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब परियोजना के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं, तो फिर तीन साल बाद भी निर्माण कार्य अधूरा क्यों है। लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की है।
कलेक्टर बोलीं- जल्द पूरा होगा काम
डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि मानसून के आगमन के साथ ग्रामीणों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। यदि बारिश शुरू होने से पहले सड़क निर्माण पूरा नहीं हुआ तो अब तक हुए कार्य को भी नुकसान पहुंच सकता है।
उन्होंने बताया कि ठेकेदारों से जुड़ी कुछ वजहों के कारण परियोजना लंबित रही, लेकिन प्रशासन अब इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है। कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि सड़क निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
- खीसी-कुशेरा सड़क की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर
- परियोजना लागत करीब ₹3.20 करोड़
- निर्माण कार्य शुरू हुए 3 साल बीते
- डामरीकरण सहित कई कार्य अब भी अधूरे
- ग्रामीणों ने जल्द निर्माण पूरा करने की मांग उठाई
