कैंट बोर्ड की दुकानों में लागू होगा आरक्षण, व्यापारियों से मांगी गई दावे-आपत्तियां
जबलपुर से बड़ी खबर
जबलपुर। शहर के कैंट क्षेत्र में संचालित सार्वजनिक बाजारों की दुकानों के आवंटन को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कैंट बोर्ड अब अपनी मार्केट की दुकानों में आरक्षण व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में बोर्ड द्वारा प्रारूप नियम जारी करते हुए आम नागरिकों और व्यापारियों से दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
🛒 25 प्रतिशत दुकानें रहेंगी आरक्षित
केंद्र सरकार द्वारा कैंट एक्ट 2006 की धारा 346 एवं धारा 267 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए "सार्वजनिक बाजारों में दुकानों के आरक्षण संबंधी प्रारूप नियम 2026" प्रकाशित किए गए हैं।
नए नियमों के अनुसार कैंट बोर्ड की सार्वजनिक मार्केट में स्थित 25 प्रतिशत दुकानें भूतपूर्व सैनिकों तथा शहीद सैनिकों की पत्नियों के लिए आरक्षित रहेंगी।
📢 क्या वर्तमान दुकानदार होंगे प्रभावित?
आरक्षण नीति को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि वर्तमान में संचालित दुकानों पर इसका क्या असर पड़ेगा।
कैंट बोर्ड अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था भविष्य में किराए पर दी जाने वाली दुकानों पर लागू होगी। मौजूदा दुकानदारों पर तत्काल किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
📋 आरक्षण श्रेणी में नहीं मिले आवेदक तो क्या होगा?
वर्तमान में कैंट बोर्ड दुकानों के लिए न्यूनतम किराया निर्धारित कर खुली बोली प्रक्रिया अपनाता है। लेकिन आरक्षण लागू होने के बाद संबंधित श्रेणी के पात्र आवेदक नहीं मिलने की स्थिति में बोर्ड को कम से कम दो बार निविदा या नीलामी प्रक्रिया आयोजित करनी होगी।
📝 30 दिनों में दर्ज करा सकेंगे आपत्ति
कैंट बोर्ड द्वारा 18 जून 2026 को जारी सूचना में नागरिकों, व्यापारियों एवं संबंधित पक्षों से इस नीति पर सुझाव, दावे एवं आपत्तियां मांगी गई हैं।
सूचना जारी होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर इच्छुक व्यक्ति अपनी आपत्ति अथवा सुझाव बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
