मध्य प्रदेश में 15 साल पुरानी 899 बसें बंद, हाई कोर्ट ने सरकार के फैसले पर लगाई मुहर
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मध्य प्रदेश में 15 साल से अधिक पुरानी 899 कमर्शियल बसें अब सड़कों पर नहीं दौड़ेंगी। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के इस फैसले को मंजूरी दे दी है, जिससे पुराने वाहनों को हटाने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
राज्य सरकार ने नवंबर 2025 में यह आदेश जारी किया था, जिसे बस ऑपरेटरों ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने सुनवाई के बाद सरकार के फैसले को सही ठहराया।
📜 क्या था मामला?
सरकार ने आदेश में स्पष्ट किया था कि 15 साल से पुरानी कमर्शियल बसों को सड़कों से हटाया जाएगा। इसके खिलाफ बस ऑपरेटरों ने 10 याचिकाएं दाखिल की थीं, जिन्हें कोर्ट ने खारिज कर दिया।
🗣️ ऑपरेटरों की दलील
बस ऑपरेटरों का कहना था कि उनके पास वैध परमिट है और जब परमिट लिया गया था, तब 15 साल का नियम लागू नहीं था। उन्होंने नियमित टैक्स और नवीनीकरण भी कराया है।
हालांकि कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए सरकार के फैसले को बरकरार रखा।
🚧 आगे क्या?
अब जल्द ही प्रदेशभर में 15 साल से ज्यादा पुरानी बसों को हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इससे परिवहन व्यवस्था में सुधार और सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद है।
