महिला के पित्ताशय से निकले 1235 पत्थर, डॉक्टर भी रह गए हैरान


रीवा (मध्य प्रदेश): रीवा जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन के दौरान एक महिला के पित्ताशय (गॉल ब्लैडर) से 1235 पत्थर निकाले। इस दुर्लभ और अनोखी घटना ने चिकित्सकीय जगत को हैरान कर दिया है।

असहनीय दर्द से अस्पताल तक पहुंची महिला
मैहर जिले के अमरपाटन कस्बे की निवासी प्रतिमा गौतम लंबे समय से असहनीय पेट दर्द से जूझ रही थीं। जब दर्द अत्यधिक बढ़ गया, तो उन्हें रीवा के निजी लाइफ केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद पाया कि उनके गॉल ब्लैडर में बड़ी संख्या में पत्थर हैं, जो उनकी समस्या का कारण बन रहे थे।

ऑपरेशन में निकले 1235 पत्थर
डॉक्टरों ने महिला के ऑपरेशन का निर्णय लिया और जब प्रक्रिया शुरू हुई, तो ऑपरेशन थियेटर में मौजूद सभी चिकित्सक हैरान रह गए। गॉल ब्लैडर से एक-एक कर कुल 1235 छोटे-छोटे पत्थर निकाले गए। ये पत्थर दाल के दाने के आकार के थे। ऑपरेशन के बाद महिला पूरी तरह स्वस्थ हैं और दर्द से राहत महसूस कर रही हैं।

इतिहास में दर्ज हुआ अनोखा मामला
अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि यह एक बेहद दुर्लभ मामला है। इतनी बड़ी संख्या में पत्थरों का पाया जाना मेडिकल इतिहास में भी असामान्य है। डॉक्टरों ने महिला का गॉल ब्लैडर भी निकाल दिया, ताकि भविष्य में पथरी की समस्या न हो।

आयुष्मान कार्ड बना सहारा
महिला का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त में हुआ, जिससे उनके परिवार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। ऑपरेशन के बाद प्रतिमा गौतम और उनके परिजन बेहद खुश हैं और उन्होंने अस्पताल की टीम का आभार व्यक्त किया।

पथरी बनने का कारण जांच के दायरे में
डॉक्टरों ने कहा कि पथरी बनने का सही कारण पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि खानपान और जीवनशैली के कारण गॉल ब्लैडर में पथरी बनने की संभावना बढ़ सकती है।

रीवा में सामने आया यह मामला चिकित्सा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है और इसके अध्ययन से भविष्य में पथरी से जुड़ी समस्याओं को समझने में मदद मिलेगी।

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