नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए गवर्नर के रूप में नियुक्त किया है। वे 1990 बैच के राजस्थान कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं और शक्तिकांत दास की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 10 दिसंबर 2024 को समाप्त हो रहा है। मल्होत्रा का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा।
संजय मल्होत्रा: अनुभव और योग्यता
संजय मल्होत्रा ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर से कंप्यूटर साइंस में स्नातक और प्रिंसटन विश्वविद्यालय, अमेरिका से सार्वजनिक नीति में स्नातकोत्तर किया है।
- विविध अनुभव: 33 वर्षों के अपने प्रशासनिक करियर में मल्होत्रा ने बिजली, वित्त, सूचना प्रौद्योगिकी, खनन और कराधान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम किया है।
- वित्तीय विशेषज्ञता: वर्तमान में राजस्व सचिव के रूप में कार्यरत, उन्होंने वित्तीय सेवा विभाग के सचिव के रूप में भी काम किया। उन्हें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के नीति निर्माण में विशेषज्ञता हासिल है।
- व्यक्तिगत कार्यशैली: वे अपने गहन शोध और डेटा-आधारित निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं। चाहे वह वॉक पर हों या कार्यालय में, वे हर समय नई जानकारियां जुटाने में व्यस्त रहते हैं।
आरबीआई के नए गवर्नर के रूप में चुनौतियां और उम्मीदें
मल्होत्रा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों और घरेलू विकास की जरूरतों का सामना कर रही है।
- मुद्रास्फीति नियंत्रण: महंगाई दर पर लगाम लगाना उनकी प्राथमिकता होगी।
- बैंकों की स्थिरता: वे बैंकों के पूंजी आधार को मजबूत करने और एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों) के प्रबंधन पर ध्यान देंगे।
- डिजिटल और फिनटेक क्षेत्र का विस्तार: आरबीआई की डिजिटल करेंसी नीति और फिनटेक नवाचारों को बढ़ावा देना।
आरबीआई के गवर्नर की सूची (1949-2024)
| गवर्नर का नाम | कार्यकाल की अवधि |
|---|---|
| सर सी.डी. देशमुख | 1943-1949 |
| बेनेगल रामा राव | 1949-1957 |
| के.जी. अंबेगांवकर | 1957-1959 |
| एच.वी.आर. अयंगर | 1957-1962 |
| पी.सी. भट्टाचार्य | 1962-1967 |
| एल.के. झा | 1967-1970 |
| एस. जगन्नाथन | 1970-1975 |
| एन.सी. सेनगुप्ता | 1975-1977 |
| आई.जी. पटेल | 1977-1982 |
| मनमोहन सिंह | 1982-1985 |
| अमिताभ घोष | 1985-1985 (अंतरिम) |
| रघुराम राजन | 2013-2016 |
| उर्जित पटेल | 2016-2018 |
| शक्तिकांत दास | 2018-2024 |
| संजय मल्होत्रा | 2024-2027 (नवीनतम नियुक्ति) |
मल्होत्रा की नियुक्ति का महत्व
संजय मल्होत्रा जैसे अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति से उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक वित्तीय स्थिरता, डिजिटल भुगतान में नवाचार, और बैंकिंग सुधारों में अहम भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि उनका नेतृत्व भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूती देगा।
