जबलपुर कलेक्टर ने लिया सख्त कदम, घटिया मशीन आपूर्ति मामले में एफआईआर के निर्देश



जबलपुर। जबलपुर जिले के कलेक्टर दीपक सक्सेना ने कुंडम जनपद पंचायत के ग्राम तिलसानी में सरस्वती आजीविका महिला स्व-सहायता समूह को घटिया और अधिक मूल्य की कुकीज मेकिंग यूनिट आपूर्ति करने के मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले में दोषी पाए गए मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन के प्रभारी जिला परियोजना प्रबंधक अखिल शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कलेक्टर ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर कुंडम थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

घटिया यूनिट और महंगे भुगतान का मामला

यह मामला तब प्रकाश में आया जब सरस्वती आजीविका महिला स्व-सहायता समूह को कोदो-कुटकी से कुकीज बनाने के लिए प्रदान की गई यूनिट की गुणवत्ता पर सवाल उठे। जांच में पाया गया कि मशीनें घटिया थीं और उनकी क्षमता भी कम थी। इसके बावजूद, सप्लायर को अधिक भुगतान कराने के लिए समूह पर दबाव डाला गया।

दोषियों पर कार्रवाई

कलेक्टर दीपक सक्सेना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से अखिल शुक्ला की संविदा सेवा समाप्त कर दी है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को रोका जा सके।

महिलाओं का हक और आजीविका को प्राथमिकता

कलेक्टर ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका बढ़ाने के लिए सरकारी योजनाओं का पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ क्रियान्वयन आवश्यक है। इस प्रकार की घटनाएं महिला समूहों का मनोबल तोड़ती हैं और सरकारी योजनाओं की साख को नुकसान पहुंचाती हैं।

आगे की कार्रवाई

अब जिला प्रशासन इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पूरी जांच करेगा और अन्य संभावित दोषियों को भी कटघरे में खड़ा किया जाएगा। कुंडम पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे दोषियों को सजा दिलाई जा सके।

यह कदम शासन और प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने और महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए एक मिसाल साबित होगा।

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