चूरू, राजस्थान: जिले के सहजूसर गांव में 4 अक्टूबर 2021 को हुए वीभत्स दोहरे हत्याकांड में गुरुवार को कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में आरोपी शाहरुख और राशिद उर्फ रसीद को उम्रकैद की सजा और 2 लाख 11 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। इस फैसले की सबसे बड़ी चर्चा का केंद्र रही उस आठ साल की बच्ची की गवाही, जिसने इस केस को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाया।
मासूम की गवाही बनी केस का आधार
दरअसल, 2021 की इस घटना में आरोपी चोरी की नीयत से एक घर में घुसे थे। घर में मौजूद सास-बहू की नींद खुल जाने पर, पहचान उजागर होने के डर से, आरोपियों ने उन पर चाकुओं से हमला कर उनकी हत्या कर दी। वारदात के समय घर में मौजूद बच्चे इस खौफनाक मंजर को देखकर चारपाई के नीचे छिप गए। इन्हीं बच्चों में से आठ साल की बच्ची ने कोर्ट में आई विटनेस के तौर पर अपनी गवाही दी, जो इस मामले में मील का पत्थर साबित हुई।
वीभत्स था हत्याकांड का मंजर
परिवादी पक्ष के अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि घटना स्थल पर चारों ओर खून फैला हुआ था और मासूम बच्चों की चीख-पुकार से माहौल दहला हुआ था। मृतका 45 वर्षीय रहीसा और उनकी बहू के पति उस समय मजदूरी के लिए विदेश में थे। रहीसा, आरोपियों की रिश्ते में चाची लगती थीं। चोरी के दौरान उनकी पहचान उजागर होने के डर से आरोपियों ने दोनों महिलाओं की निर्मम हत्या कर दी।
न्याय की जीत
कोर्ट ने मासूम बच्ची की गवाही और पुलिस द्वारा जुटाए सबूतों को आधार मानते हुए दोनों आरोपियों को सजा सुनाई। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली और इस गवाही ने यह साबित किया कि न्याय के लिए साहस और सच्चाई सबसे बड़ा आधार बन सकते हैं।
खबर की मुख्य बातें:
- घटना: 4 अक्टूबर 2021, सहजूसर गांव, चूरू।
- पीड़ित: सास-बहू की हत्या, मासूम बच्चे घटना के गवाह।
- सजा: आरोपियों को उम्रकैद और 2.11 लाख रुपये जुर्माना।
- मुख्य गवाह: आठ साल की बच्ची।
