नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रचलन पर जबलपुर प्रशासन का सख्त कदम: नाबालिगों के लिए प्रतिबंधित की गई बिक्री

जबलपुर। युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए जबलपुर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। शहर में बोनफिक्स, व्हाइटनर, थिनर, सुलोचन और कोरेक्स सिरप जैसे नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। खासतौर पर नाबालिगों को इन उत्पादों की उपलब्धता को रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि इन उत्पादों का बढ़ता दुरुपयोग युवाओं के भविष्य और समाज पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है।



नाबालिगों के लिए प्रतिबंधित किए गए नशीले पदार्थ

कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि इन पदार्थों की लत न केवल युवाओं की मानसिक और शारीरिक सेहत को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि यह उनके सामाजिक जीवन को भी प्रभावित कर रही है। व्हाइटनर और बोनफिक्स जैसे सामान्यत: उपयोग में लाए जाने वाले उत्पादों को नशीले पदार्थ के रूप में इस्तेमाल करने की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इसके साथ ही कोरेक्स सिरप, जो एक दवा है, का भी गलत इस्तेमाल हो रहा है।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अब कोरेक्स सिरप केवल पंजीकृत डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेचा जाएगा। नाबालिगों के लिए इन सभी उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन न करने वाले दुकानदारों और विक्रेताओं पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर का कहना है कि बच्चों को नशे की गिरफ्त से बचाना हमारी प्राथमिकता है और इसके लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।

युवाओं में बढ़ता नशे का प्रचलन: चिंताजनक स्थिति

विशेषज्ञों के अनुसार, नशीले पदार्थों का यह प्रचलन आधुनिक समाज की एक बड़ी चुनौती बन चुका है। अक्सर यह देखा गया है कि किशोर और युवा मनोरंजन या दबाव के चलते इन पदार्थों की ओर आकर्षित होते हैं। प्रशासन का यह कदम ऐसे पदार्थों की उपलब्धता को कम करने और बच्चों को सही दिशा में प्रेरित करने का प्रयास है।

सामाजिक जागरूकता की भी जरूरत

हालांकि प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है कि इस समस्या के समाधान के लिए सहयोग करें। माता-पिता और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों पर नजर रखें और उन्हें सही मार्गदर्शन दें।

नशे के खिलाफ इस जंग में जबलपुर प्रशासन का यह कदम सराहनीय है, लेकिन इसे पूरी तरह सफल बनाने के लिए समाज की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने
sach ki dunia, India's top news portal Get Latest News. Hindi Samachar