165 महिलाओं से 49.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

महिलाओं को स्व-रोजगार के नाम पर फंसाकर लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। रायगढ़ जिले के ग्राम चैनपुर निवासी बाल कुमारी राठिया की शिकायत पर पुलिस ने फ्लोरा मैक्स कंपनी के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज किया है। कंपनी के निदेशक और सह-संचालकों ने महिलाओं को स्व-रोजगार योजना का प्रलोभन देकर उनके नाम पर ऋण लिया और आय हड़प ली।

कैसे हुआ धोखाधड़ी का पर्दाफाश

शिकायत के अनुसार, कोरबा स्थित फ्लोरा मैक्स कंपनी ने महिलाओं को 30,000 रुपये जमा करने और उन्हें व्यवसाय के लिए सहायता दिलाने का झांसा दिया। प्रत्येक महिला को 10 के समूह में बांटकर उनके नाम पर बैंक से ऋण दिलवाया गया। महिलाओं को हर महीने 2,700 रुपये की आय का वादा किया गया था।

हालांकि, ऋण के पैसे से खोली गई दुकानें सिर्फ कागजों में थीं। कंपनी के संचालक अखिलेश सिंह और उसके साथियों ने इन पैसों को हड़प लिया, जिससे महिलाएं कर्ज में डूब गईं।

गांव-गांव से वसूले लाखों

धरमजयगढ़ के नीचे पारा में स्थित कंपनी की शाखा ने ग्राम चैनपुर, सिथरा, जबगा और जमाबीरा की 165 महिलाओं से लगभग 49.5 लाख रुपये की ठगी की।

पुलिस जांच में सामने आए मुख्य आरोपी

फ्लोरा मैक्स कंपनी के निदेशक अखिलेश सिंह, सह-संचालक राजू सिंह, गुडिया सिंह, बलराम बंजारा, श्याम सिंह और मंजू चौहान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318(2), 318(4), 336, 338 और छत्तीसगढ़ निक्षेपकों का संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गिरफ्तारी और बरामदगी

पुलिस ने आरोपी मंजू चौहान (31) को धरमजयगढ़ के सिथरा गांव से गिरफ्तार किया। मंजू ने अपने अपराध स्वीकार किए और बताया कि वह निदेशक अखिलेश सिंह के साथ मिलकर महिलाओं के आईडी बनवाकर कंपनी में पैसे जमा कर कमीशन लेती थी।

पुलिस ने बरामद किया:

  • 120 आईडी पंजीकरण के प्रमाण।
  • 62 महिलाओं की नगद जमा रसीदें।
  • कंपनी की प्रचार सामग्री।
  • एक रजिस्टर और डायरी जिसमें महिलाओं के लोन का विवरण था।

आत्महत्या के बाद जागी पुलिस

जांजगीर-चांपा जिले में कंपनी के घोटाले से परेशान संतोष साहू की पत्नी ने 380 महिलाओं को योजना में शामिल किया था। जब महिलाएं कर्ज तगादा करने उनके घर पहुंचीं, तो संतोष साहू ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

इस घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और रायगढ़ व कोरबा में कार्रवाई शुरू की।

बाकी आरोपी अब भी फरार

मुख्य आरोपी अखिलेश सिंह और अन्य सह-संचालक राजू सिंह, गुडिया सिंह, बलराम बंजारा और श्याम सिंह में से कई अभी भी फरार हैं। पुलिस ने मंजू चौहान को हिरासत में लेकर रिमांड पर भेज दिया है और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

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