जबलपुर। शहर में दिल दहला देने वाली एक घटना में नया मोहल्ला निवासी 35 वर्षीय युवक विकास पटेल की हत्या कर दी गई और शव को जलाने का प्रयास किया गया। यह वारदात नवभारत प्रेस की पुरानी सीज बिल्डिंग के अंदर हुई, जहां आरोपियों ने शव को आग लगाकर सबूत मिटाने की कोशिश की।
कैसे हुई वारदात?
ओमती थाना पुलिस के अनुसार, नवभारत प्रेस की पुरानी बिल्डिंग, जो बैंक द्वारा सीज की गई है, में सुरक्षा के लिए दो गार्ड—हेमराज सरिया (निवासी डिंडोरी) और ज्ञान सिंह ठाकुर (निवासी बैतूल)—तैनात थे। विकास पटेल, जो प्रेस के पास पान का ठेला चलाता था, इन गार्डों से अक्सर शराब के दौरान बातचीत करता था। दोस्ती के इस सिलसिले में धीरे-धीरे तनाव बढ़ने लगा।
घटना वाले दिन, गार्डों ने विकास को सुनियोजित तरीके से सीज बिल्डिंग के अंदर बुलाया और वहां लोहे की रॉड और हथौड़े से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूत मिटाने के इरादे से शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।
रात में आग की सूचना से हुआ खुलासा
रात करीब 3 बजे बिल्डिंग के अंदर से धुआं उठता देख स्थानीय नागरिक ने डायल-100 और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। जब पुलिस ने बंद शटर खोला, तो अंदर मानव शरीर जलता हुआ पाया गया। मौके पर फायर ब्रिगेड और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया।
शराब और अपमान से उपजा विवाद बना हत्या का कारण
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गार्डों और विकास के बीच शराब के दौरान अक्सर विवाद होता था। आरोपी हेमराज और ज्ञान सिंह ने स्वीकार किया कि शराब पीने के बाद विकास उनके आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचाता था, जिससे आहत होकर उन्होंने हत्या का षड्यंत्र रचा।
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। ओमती थाना प्रभारी राजपाल सिंह बघेल ने बताया कि हत्या के बाद आरोपियों ने अपराध छिपाने के लिए शव जलाने का प्रयास किया। अधजले शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
पीड़ित का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के मुताबिक, मृतक विकास पटेल का नाम जिला बदर के मामलों में शामिल था। वह ओमती थाने में नियमित हाजिरी देता था।
क्षेत्र में दहशत का माहौल
इस जघन्य वारदात ने क्षेत्र के निवासियों को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है कि कहीं घटना के पीछे कोई और कारण तो नहीं है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने घटनास्थल से सभी साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपी गार्डों से सख्ती से पूछताछ कर रही है। फिलहाल प्राथमिक जांच में व्यक्तिगत दुश्मनी और अपमान को हत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है।
यह घटना न केवल अपराध की भयावहता को उजागर करती है, बल्कि सुरक्षा में तैनात गार्डों की भूमिका पर भी सवाल खड़े करती है।
