🔴 BREAKING NEWS
Loading...

डीजे पर प्रतिबंध लगाने वाला जिला प्रदेश का पहला जिला बन गया है



बूंदी। डीजे पर प्रतिबंध लगाने वाला बूंदी राजस्थान का पहला जिला बन गया है। जिला प्रशासन व पुलिस ने मार्च माह से ही डीजे पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसका असर अब दिखने लगा है। सोसायटियों ने न केवल इस फैसले का स्वागत किया, बल्कि डीजे न बजाने पर पुलिस व प्रशासन को सहमति पत्र भी सौंपा। 17 मार्च से अब तक 12 बार जुलूस व जुलूस बिना डीजे के निकाले जा चुके हैं। भविष्य में भी किसी भी जुलूस में डीजे नहीं बजाया जाएगा और बैंड व वाद्य यंत्र बजाए जाएंगे। प्रशासन का तर्क था कि बच्चों की परीक्षा होती है और डीजे से भी ध्वनि प्रदूषण होता है। सबसे पहले गौतम ब्राह्मण समाज ने इसका समर्थन किया। इसके बाद मीणा समाज, सिंधी समाज, गुर्जर समाज, सिख समाज, बैरवा समाज, मेघवाल समाज, जांगिड़ समाज, कुमावत समाज, जैन समाज, रैगर समाज ने समर्थन किया। हिंदू नववर्ष और रामनवमी के जुलूस भी इसके बिना ही निकाले गए। डीजे की आवाज के लिए मानक तय है, लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा है। जिले भर में इनकी संख्या 400 के पार हो गई है। डीजे के कारण पारंपरिक बैंड वाद्य यंत्रों और वाद्य यंत्रों की मांग गायब होती जा रही थी। इससे बेरोजगारी बढ़ी है, क्योंकि डीजे एक व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा सकता है, जबकि बैंडबाजे में 20 से 30 लोग होते हैं। हालांकि डीजे बंद होने का दूसरा पहलू यह भी है कि जिले भर में करीब 400 लोगों को दूसरा रोजगार करना होगा।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने
sach ki dunia, India's top news portal Get Latest News. Hindi Samachar