Dehli : कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने बढ़ा दी सरकार की चिंता....

दिल्ली हवाई अड्डे पर हर साल छह करोड़ से ज्यादा यात्री आते-जाते हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। अगले कुछ सालों में यात्रियों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी और यह 11 करोड़ तक पहुंच जाएगी।

कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (आईजीआईबी) का कहना है कि इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर परीक्षण करने वाले प्रत्येक पांच यात्रियों में से एक मामला ओमिक्रॉन का मिल रहा है। जिस तरह से दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर ओमिक्रॉन वैरिएंट के केस मिल रहे हैं और एक ही समय में कई घरेलू और विदेशr फ्लाइट्स के पहुंचने से एयरपोर्ट पर जिस तरह से भीड़ बढ़ रही हैं उससे दिल्ली में कोरोना केस के और बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है। दिल्ली में अभी ओमिक्रॉन वैरिएंट के 57 केस हैं।

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर दिल्ली एयरपोर्ट पर भारी भीड़ वाली तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। हालांकि एयरपोर्ट पर इससे निपटने के लिए खासी सतर्कता बरती जा रही है। यहां तक कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से बढ़ती भीड़ से निपटने के लिए हवाई अड्डों पर बुनियादी ढांचे के विस्तार पर ध्यान दिया है।

इतनी प्लाइट्स आती है रोजाना

वैश्विक उड़ान ट्रैकिंग सेवा फ्लाइट्सरडार24 जो दुनिया भर में हजारों उड़ानों की रीयल-टाइम डेटा प्रदान करती है उसकी वेबसाइट पर गुरुवार को यानी 23 दिसंबर को 12.40 बजे से दोपहर के 3.40 तक 100 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स के दिल्ली पहुंचने और पहुंचने के संभावित समयों के बारे में विवरण दिया गया है।

वित्तीय वर्ष 2018-19 में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगभग 69.23 मिलियन यात्री पहुंचे। करीब 460,424 विमानों की आवाजाही हुई। 2010 में टी 3 टर्मिनल बनने के बाद यह भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन गया। जिसकी क्षमता 3.4 करोड़ यात्री है।

अगस्त से बढ़ने लगी यात्रियों की संख्या

दिल्ली में, दिसंबर 2019 में प्रति दिन लगभग 170 उड़ानों की तुलना में दिसंबर के पहले सप्ताह में 78 इंटरनेशनल फ्लाइट्स दिल्ली पहुंची थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली एयरपोर्ट इंटरनेशनल लिमिटेड (डायल) के अधिकारियों ने अगस्त में बताया था कि आईजीआई एयरपोर्ट पर अगस्त के महीने से यात्रियों की संख्या में वृद्धि देखी गई। शुरुआती कुछ दिनों में 90,000 लोग प्रतिदिन यात्रा कर रहे थे।

मई में यात्रियों की संख्या घटकर 18,000 प्रतिदिन हो गई थी, जो जून के अंत तक बढ़कर 62,000 प्रतिदिन हो गई। मौजूदा स्थिति को देखते हुए, अधिकारियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2023 के अंत तक घरेलू यात्रा पूर्व-कोविड संख्या तक पहुंच जाएगी। पूर्व-कोविड समय में, दिल्ली हवाई अड्डे पर प्रतिदिन 2-2.5 लाख यात्री आते थे। 22 मार्च 2020 से पहले यानी प्री कोविड समय में आईजीआई से हर दिन 700 से ज्यादा विमान उड़ते थे। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानी डीजीसीए में करीब 648 विमान रजिस्टर्ड हैं।

टेस्टिंग के उपाय क्या

एयरपोर्ट पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ और ओमिक्रॉन वैरिएंट के आने से इसी महीने की शुरुआत में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हवाई अड्डे पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट को रणनीति लागू करने का निर्देश जारी किया था। इसके लिए नागरिक उड्डयन मंत्री ने छह दिसंबर को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी, जिसमें बताया गया कि ओमिक्रॉन वेरिएंट से प्रभावित देशों से आने वाले पैसेंजर्स की कोरोना जांच के लिए कई काउंटर बनाए गए हैं।

जांच प्रक्रिया से गुजर रहे हैं यात्री

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नए दिशानिर्देशों के मुताबिक ‘एट रिस्क’ वाले देशों से आने वाले सभी पैसेंजर्स को अनिवार्य रूप से कोरोना टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। जबकि दूसरे देशों से आने वाले पांच फीसदी यात्रियों का भी रैंडम टेस्ट किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दिशानिर्देशों के अनुसार, एयरपोर्ट से निकलने या कनेक्टिंग फ्लाइट लेने से पहले पैसेंजर्स को अपनी कोरोना जांच रिपोर्ट के परिणामों का इंतजार करना पड़ रहा है।

विदेश यात्रा करने वालों के लिए इमिग्रेशन काउंटरों की संख्या बढ़ाई गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय आगमन/प्रस्थान पर औसत कतार में लोगों का समय 20-25 मिनट से घटकर 10-12 मिनट हो गया है। स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए 178 रैपिड पीसीआर मशीनें लगाई गई हैं। इसके साथ ही टेस्टिंग क्षमता बढ़कर 456 टेस्ट प्रति घंटे हो गई है।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने