कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का गठन, नगालैंड हत्याकांड पर सेना का एक्शन......

भारतीय सेना ने नगालैंड के मोन जिले में सुरक्षाबलों की आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान फायरिंग में 14 नागरिकों के मारे जाने की जांच के लिए एक कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का गठन किया है। अधिकारियों ने कहा कि जांच का नेतृत्व एक मेजर जनरल करेंगे। उधर, नागरिकों की हत्या के बाद नगालैंड राज्य में सशस्त्र बल विशेष शक्ति कानून (AFSPA) को वापस लेने की मांग फिर से शुरू हो गई है।

शनिवार को सेना के जवानों ने सात कोयला खदान कर्मियों को विद्रोही समझकर उनपर गोलियां चलाई थी। इस घटना में 14 नागरिकों की मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद गुस्साए ग्रामीण मौके पर पहुंचे और इलाके में जमकर उपद्रव हुआ। वहीं स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहुंचे दो सुरक्षा वाहनों को आग के हवाले कर दिया गा। इस घटना में एक सैनिक भी मौत हो गई थी।

सुरक्षाबलों की फायरिंग में 14 नागरिकों की मौत के बाद नगालैंड में एक बार फिर से आफ्स्पा कानून हटाए जाने की मांग तेज हो गई है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब केंद्र सरकार लगातार नगा विद्रोही गुटों के साथ शांति वार्ता कर रही है। इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने पीएम मोदी से मुलाकात भी की है।

सुरक्षाबलों की फायरिंग में 14 नागरिकों की मौत के बाद नगालैंड में एक बार फिर से आफ्स्पा कानून हटाए जाने की मांग तेज हो गई है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब केंद्र सरकार लगातार नगा विद्रोही गुटों के साथ शांति वार्ता कर रही है। इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने पीएम मोदी से मुलाकात भी की है।

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