देश में बर्ड फ्लू से इंसान की मौत का पहला मामला

देश में बर्ड फ्लू से इंसान की मौत का पहला मामला


नई दिल्ली । एम्स के पीडियाट्रिक विभाग में भर्ती एक 11 साल के बच्चे बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) से मौत हो गई। डाक्टर के मुताबिक बच्चा (एच5एन1) वायरस से संक्रमित था। देश में इस साल बर्ड फ्लू से यह पहली मौत हुई है। बच्चे की तबीयत खराब होने के बाद उसे दो जुलाई को एम्स में भर्ती कराया गया था। बच्चा डी-पांच वार्ड में भर्ती था। सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

वायरस का पता लगाने के लिए एम्स द्वारा बच्चे के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिसमें मंगलवार को एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि हुई है। डाक्टर ने बताया कि एच5एन1 वायरस खास तौर पर पक्षियों और मुर्गे-मुर्गियों में होता है। यह पक्षियों में बहुत तेजी से फैलता है और उनसे मनुष्य में भी फैल सकता है। इस वायरस की पहली बार पहचान 1996 में चीन में की गई थी। बर्ड फ्लू के इस वायरस की चपेट में आने से पक्षियों की मौत हो जाती है। यह इस साल ऐसा पहला मामला है जब किसी इंसान की मौत इस वायरस से हुई है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में जनवरी माह में बर्ड फ्लू के कई मामले आए थे, तब लाल किले में 14 कौवे और संजय झील में चार बत्तख मरी मिली थीं। लैब में भेजे गए आठ नमूनों में सबकी रिपोर्ट पाजिटिव आई थी। कुछ साल पहले हुए एक नए वैज्ञानिक शोध में पता चला था है कि एच5एन1 बर्ड फ्लू का वायरस बदलकर ऐसा रूप ले सकता है कि वो इंसानों के बीच तेजी से फैल सके। शोधकर्ताओं ने ऐसे पांच जैविक परिवर्तनों की पहचान की थी जिनके कारण ये वायरस इंसानों के बीच महामारी फैलने की वजह बन सकता है।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने
sach ki dunia, India's top news portal Get Latest News. Hindi Samachar