मार्केट में बड़ी संख्या में बिक रहा फर्जी Remdesivir इंजेक्शन, असली और नकली में ऐसे करें पहचान



भोपाल: कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर की मांग बढ़ गई है. जिसकी वजह से लोग इसकी कालाबाजारी कर रहे हैं. आलम यह है कि दलाल आपदा में भी ठगी करने से बाज नहीं आ रहे हैं और मासूम जनता को नकली रेमडेसिवर पकड़ा दे रहे हैं. इससे आए दिन लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं. असली और नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन लोग पहचान सकें और ठगी का शिकार न हो, इसलिए आईपीएस मोनिका भारद्वाज ने इंजेक्शन की पहचान को लेकर ट्वीट किया है. जिसकी मदद से आप असली और नकली इंजेक्शन की पहचान कर सकते हैं...

इन तरीकों से करें असली रेमडेसिविर इंजेक्शन की पहचान
1-100 मिलीग्राम की क्वांटिटी बॉक्स और बोतल पर लिखी रहती है, जिसे एक बार में ही उपयोग में लाया जा सकता है.
2- सभी इंजेक्शन को 2021 में ही बने हैं, जिसका माल अब आ रहा है.
3- कांच की शीशी बहुत हल्की होती है.
4-यह इंजेक्शन सिर्फ पाउडर फॉर्म में ही मिलता है.
5- बॉक्स के पीछे बार कोड भी बन होते हैं.
6- इंजेक्शन की सबी बॉटल पर Rxremdesivir लिखा रहता है.
7- फर्जी रेमडेसिविर वाले पैकेट पर पूरे पते (Address) में स्पेलिंग की गलतियां हैं। जैसे नकली पैकेट पर Telangana की जगह Telagana लिखा हुआ है.

इंदौर, जबलपुर और रतलाम में नकली इंजेक्शन
कोरोना महामारी के बीच नकली इंजेक्शन बेचने वाले लोगों को अब तक प्रदेश जबलपुर, इंदौर से पकड़ा चुका है. सोमवार को ही एक युवक शीशी में ग्लूकोज का पानी भरकर उसे असली इंजेक्शन बताकर 20 हजार रुपए तक में बेचते पकड़ा गया था. वहीं, बीते दिनों एक नर्स द्वारा असली रेमडेसिविर रखकर नकली इंजेक्शन लगाने का मामला आया था. यह नर्स अपने प्रेमी से 30 हजार रुपए में इंजेक्शन बिकवाती थी.

इधर प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. मंगलवार को 13,417 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए. 111,577 लोग ठीक हुए और 98 की मौत हो गई. अब तक 5 लाख 25 हजार 407 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं. इनमें 4 लाख 25 हजार 812 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 5,319 लोगों की मौत हो चुकी है.

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने
sach ki dunia, India's top news portal Get Latest News. Hindi Samachar