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मध्यप्रदेश में कोरोना का फिर खतरा बढ़ा, सरकार हुई सतर्क



भोपाल । महाराष्ट्र के कई हिस्सों में कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ने के बाद मध्य प्रदेश के भी कई हिस्सों में कोरोना मरीज बढ़ रहे हैं, इसके चलते बीमारी का संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। सरकार भी सतर्क है और उसने राजधानी भोपाल व इंदौर में मास्क को अनिवार्य कर दिया है। साथ ही महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों में खास एहतियात बरतने को कहा गया है। राज्य में बीते एक सप्ताह में कई हिस्सों में कोरोना मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पिछले सात दिनों में प्रतिदिन इंदौर में 110, भोपाल में 57, जबलपुर में 12 प्रकरण आ रहे हैं। इस अवधि में इंदौर में 773, भोपाल में 397 और जबलपुर में 85 प्रकरण रिपोर्ट हुए हैं। बैतूल, छिंदवाड़ा, बड़वानी, दमोह, सीधी, रतलाम और खरगोन में भी प्रकरण बढ़ रहे हैं।


देश के अन्य हिस्सों पर गौर करें तो केरल और महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण प्रभावितों की संख्या में वृद्धि हुई है। इस मामले में मध्यप्रदेश देश में नौवें नंबर पर है। राष्ट्रीय स्तर पर जहां महाराष्ट्र में 42 प्रतिशत और केरल में 33 प्रतिशत प्रकरण प्रतिदिन आ रहे हैं, वहीं मध्यप्रदेश में केवल दो प्रतिशत ही प्रकरण आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना के संबंध में लगातार सतर्कता जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही विकराल रूप ले सकती है। इंदौर और भोपाल में तत्काल मास्क की अनिवार्यता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इंदौर और भोपाल से राज्य के अन्य भागों में होने वाले आवागमन पर सतर्कता के बरतने पर जोर दिया गया। महाराष्ट्र से लगे सभी जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना से बचाव की सावधानियां और रोको-टोको जैसी गतिविधियों पर ग्रामीण विकास विभाग सहित समस्त शासकीय अमला तत्काल अभियान आरंभ किया जाएगा।

राज्य में आगामी समय में महाशिवरात्रि के मौके पर अनेक स्थानों पर मेले आयोजित किए जाते हैं, इनमें कई मेले महाराष्ट्र की सीमा पर बैतूल व छिंदवाडा में होते हैं। इसको लेकर मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि शिवरात्रि के पर्व पर प्रदेश में लगाने वाले मेलों में सतर्कता और जागरूकता आवश्यक है। विशेषकर महाराष्ट्र से लगे जिलों में आयोजित होने वाले मेलों पर खास ध्यान दिया जाए।

बताया गया है कि ब्रिटेन में कोरोना के नए स्ट्रेन के प्रभाव को देखते हुए प्रदेश में ब्रिटेन से आए सभी 354 यात्रियों का परीक्षण कराया गया। इनमें से पांच यात्री पॉजिटिव पाए गए, जिनमें इंदौर के दो और भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर के एक-एक यात्री थे।

एक तरफ जहां कोरोना के संक्रमण के फिर फैलने का खतरा बढ़ा है तो दूसरी ओर राज्य में टीकाकरण का अभियान जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने बताया है कि मध्यप्रदेश कोविड टीकाकरण में देश में दूसरे नंबर पर है। हेल्थ वर्कर और फ्रंटलाइन वर्कर के संयुक्त रूप से टीकाकरण में 75 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। राजस्थान में यह 76 प्रतिशत है। टीकाकरण में राष्ट्रीय औसत 53 प्रतिशत है, जबकि प्रदेश के 37 जिलों में 75 प्रतिशत से भी अधिक टीकाकरण हो चुका है। डिंडौरी 93 प्रतिशत, भिंड 89 प्रतिशत, अलीराजपुर, सीहोर और छतरपुर में टीकाकरण का प्रतिशत 87 प्रतिशत है। टीकाकरण के मामले में ग्वालियर, इंदौर व दतिया सबसे पीछे है।

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