मन की बात: PM मोदी ने की सीमाओं पर डटे वीर जवानों के सम्मान में दीया जलाने की अपील

 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्योहारों पर देश की सीमाओं पर डटे वीर जवानों के सम्मान में भी दीया जलाने की अपील की है। प्रधानमंत्री मोदी ने सरहद पर घर-परिवार से दूर मुस्तैद भारत माता के वीर बेटे-बेटियों को नमन किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को मन की बात 2.0 की 17वीं कड़ी में संबोधन के दौरान कहा, "साथियों, हमें अपने उन जांबाज सैनिकों को भी याद रखना है, जो इन त्योहारों में भी सीमाओं पर डटे हैं। भारत-माता की सेवा और सुरक्षा कर रहें हैं। हमें उनको याद करके ही अपने त्योहार मनाने हैं। हमें घर में एक दीया, भारत माता के इन वीर बेटे-बेटियों के सम्मान में भी जलाना है।"

प्रधानमंत्री मोदी ने जवानों को लेकर कहा, "मैं, अपने वीर जवानों से भी कहना चाहता हूं कि आप भले ही सीमा पर हैं, लेकिन पूरा देश आपके साथ है, आपके लिए कामना कर रहा है। मैं उन परिवारों के त्याग को भी नमन करता हूं जिनके बेटे-बेटियां आज सरहद पर हैं। हर वो व्यक्ति जो देश से जुड़ी किसी-न-किसी जिम्मेदारी की वजह से अपने घर पर नहीं है, अपने परिवार से दूर है। मैं, हृदय से उसका आभार प्रकट करता हूं।"

प्रधानमंत्री ने रविवार देशवासियों को दशहरे के पर्व की शुभकामाएं दी। उन्होंने कहा कि दशहरे का ये पर्व, असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है। लेकिन, साथ ही, ये एक तरह से संकटों पर धैर्य की जीत का पर्व भी है।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान सावधानियों के साथ त्योहार मनाने की अपील की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज, आप सभी बहुत संयम के साथ जी रहे हैं, मर्यादा में रहकर पर्व, त्योहार मना रहे हैं, इसलिए, जो लड़ाई हम लड़ रहे हैं, उसमें जीत भी सुनिश्चित है। पहले, दुर्गा पंडाल में, मां के दर्शनों के लिए इतनी भीड़ जुट जाती थी- एकदम, मेले जैसा माहौल रहता था, लेकिन, इस बार ऐसा नहीं हो पाया।"

मोदी ने कहा, "पहले, दशहरे पर भी बड़े-बड़े मेले लगते थे, लेकिन इस बार उनका स्वरूप भी अलग ही है। रामलीला का त्योहार भी, उसका बहुत बड़ा आकर्षण था, लेकिन उसमें भी कुछ-न-कुछ पाबंदियां लगी हैं। पहले, नवरात्र पर, गुजरात के गरबा की गूंज हर तरफ छाई रहती थी, इस बार, बड़े-बड़े आयोजन सब बंद हैं।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "अभी, आगे और भी कई पर्व आने वाले हैं। अभी ईद है, शरद पूर्णिमा है, वाल्मीकि जयंती है, फिर, धनतेरस, दिवाली, भाई-दूज, छठी मैया की पूजा है, गुरु नानक देव जी की जयंती है- कोरोना के इस संकट काल में, हमें संयम से ही काम लेना है, मर्यादा में ही रहना है।"

प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता से त्योहारों के मौके पर बाजार से स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता के आधार पर खरीदने की अपील की। उन्होंने बाजार जाते समय 'वोकल फार लोकल' के संकल्प को याद रखने के लिए कहा।

प्रधानमंत्री ने कहा, "जब हम त्योहार की बात करते हैं, तैयारी करते हैं, तो, सबसे पहले मन में यही आता है, कि बाजार कब जाना है? क्या-क्या खरीदारी करनी है? खासकर, बच्चों में तो इसका विशेष उत्साह रहता है - इस बार, त्योहार पर, नया, क्या मिलने वाला है? त्योहारों की ये उमंग और बाजार की चमक, एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। लेकिन इस बार जब आप खरीदारी करने जायें तो 'वोकल फॉर लोकल' का अपना संकल्प अवश्य याद रखें। बाजार से सामान खरीदते समय, हमें स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी है।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि त्योहारों के इस हर्षोल्लास के बीच में लॉकडाउन के समय को भी याद करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने संकट के समय साथ निभाने वालों को भी खुशियों में शामिल करने की अपील की।

उन्होंने कहा, "लॉकडाउन में हमने, समाज के उन साथियों को और करीब से जाना है, जिनके बिना, हमारा जीवन बहुत ही मुश्किल हो जाता है जैसे - सफाई कर्मचारी, घर में काम करने वाले भाई-बहन, लोकल सब्जी वाले, दूध वाले, सिक्योरिटी गार्डस, इन सबका हमारे जीवन में क्या रोल है, हमने अब भली-भांति महसूस किया है। कठिन समय में, ये आपके साथ थे, हम सबके साथ थे। अब, अपने पर्वों में, अपनी खुशियों में भी, हमें इनको साथ रखना है।"


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