नई दिल्ली: अब तक यही बताया जा रहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का पालन करते हुए एक दूसरे से 5-7 मीटर दूर रहना चाहिए, लेकिन कोरोना वायरस (Corona Virus) से बचने के लिए ये दूरी पर्याप्त नहीं है. कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) और ‘अमेरिका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र’ (CDC) के सामाजिक दूरी के मौजूदा दिशा-निर्देश पर्याप्त नहीं हैं और खांसी या छींकने से यह वायरस आठ मीटर दूर तक जा सकता है.
‘जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन’ में प्रकाशित अनुसंधान के अनुसार डब्ल्यूएचओ तथा सीडीसी ने इस समय जो दिशा-निर्देश जारी किये हैं वे खांसी, छींक या श्वसन प्रक्रिया से बनने वाले ‘गैस क्लाउड’ के 1930 के दशक के पुराने पड़ चुके मॉडलों पर आधारित हैं.
अध्ययनकर्ता एमआईटी की एसोसिएट प्रोफेसर लीडिया बूरूइबा ने आगाह किया कि खांसी या छींक की वजह से निकलने वाली सुक्ष्म बूंदें 23 से 27 फुट या 7-8 मीटर तक जा सकती हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा दिशानिर्देश बूंदों के आकार की अति सामान्यकृत अवधारणाओं पर आधारित है और इस घातक रोग के खिलाफ प्रस्तावित उपायों के प्रभावों को सीमित कर सकते हैं.
बता दें कि कोरोना वायरस दुनिया भर में कहर ढा रहा है. ये वायरस अब तक दुनिया भर में 40 हज़ार से अधिक जान ले चुका है. इस समय ये वायरस अमेरिका, इटली, स्पेन, फ्रांस और ईरान में अपना केंद्र बनाए हुए है. 40 हज़ार में से अधिकतर जानें इन्हीं देशों के लोगों की गई हैं. भारत में भी 1500 से अधिक मामले हो गए हैं. जबकि करीब 40 लोगों की मौत हुई है.
‘जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन’ में प्रकाशित अनुसंधान के अनुसार डब्ल्यूएचओ तथा सीडीसी ने इस समय जो दिशा-निर्देश जारी किये हैं वे खांसी, छींक या श्वसन प्रक्रिया से बनने वाले ‘गैस क्लाउड’ के 1930 के दशक के पुराने पड़ चुके मॉडलों पर आधारित हैं.
अध्ययनकर्ता एमआईटी की एसोसिएट प्रोफेसर लीडिया बूरूइबा ने आगाह किया कि खांसी या छींक की वजह से निकलने वाली सुक्ष्म बूंदें 23 से 27 फुट या 7-8 मीटर तक जा सकती हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा दिशानिर्देश बूंदों के आकार की अति सामान्यकृत अवधारणाओं पर आधारित है और इस घातक रोग के खिलाफ प्रस्तावित उपायों के प्रभावों को सीमित कर सकते हैं.
बता दें कि कोरोना वायरस दुनिया भर में कहर ढा रहा है. ये वायरस अब तक दुनिया भर में 40 हज़ार से अधिक जान ले चुका है. इस समय ये वायरस अमेरिका, इटली, स्पेन, फ्रांस और ईरान में अपना केंद्र बनाए हुए है. 40 हज़ार में से अधिकतर जानें इन्हीं देशों के लोगों की गई हैं. भारत में भी 1500 से अधिक मामले हो गए हैं. जबकि करीब 40 लोगों की मौत हुई है.
